स्पेस की तरह अब समुद्र में ताकत बढ़ाएं वैज्ञानिक: PM मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज भारतीय विज्ञान कांग्रेस के 107वें सत्र को संबोधित कर रहे हैं। यह सत्र बेंगलुरू में हो रहा है। इस दौरान बोलते हुए पीएम ने कहा कि मुझे खुशी है कि साल और दशक के मेरे शुरुआती कार्यक्रम सांइस, टेक्नॉलजी और इनोवेशन से जुड़े हुए हैं। इनोवेशन इंडेक्स में भारत की रैंकिंग सुधरकर 52 तक पहुंची है, यह हर्ष की बात है।

इससे पहले प्रधानमंत्री ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा, राज्यपाल वजुभाई से मुलाकात की थी। प्रधानमंत्री मोदी दो दिन के कर्नाटक दौरे पर हैं। इससे पहले पीएम मोदी ने गुरुवार को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन डीआरडीओ की पांच युवा वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं का उद्घाटन किया। इसके अलावा एक अन्य कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि छह करोड़ किसानों के खाते में 12 करोड़ रुपए जमाक हमने उन्हें नए साल का तोहफा दिया है।
डीआरडीओ के वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा था कि ये संयोग ही है कि अब से कुछ समय पहले मैं किसानों के कार्यक्रम में था और अब यहां देश के जवान और अनुसंधान की चिंता करने वाले आप सभी साथियों के बीच में हूं। गौरतलब है कि साल 2020 में पीएम मोदी का यह कर्नाटक में पहला दौरा है, अपने इस कार्यक्रम में उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया। पीएम मोदी ने सबसे पहले तुमकुर में श्री सिद्धगंगा मठ में एक रैली को संबोधित किया उसके बाद बेंगलुरु पहुंचे जहां उन्होंने डीआरडीओ यंग साइंटिस्ट लैब्स को राष्ट्र को समर्पित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ये कार्यक्रम तो एक शुरुआत है आपके सामने सिर्फ अगला 1 साल नहीं बल्कि अगला 1 दशक है। इस 1 दशक में DRDO का मीडियम और लॉन्ग टर्म रोडमैप क्या हो, इस पर बहुत गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए
प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे संतोष है कि एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में 5 लैब्स स्थापित करने के सुझाव पर गंभीरता से काम हुआ और आज बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद और मुंबई में 5 ऐसे संस्थान शुरू हो रहे हैं। पीएम कहते हैं कि अपने युवा वैज्ञानिक साथियों से मैं ये भी कहूंगा कि ये लैब्स, सिर्फ टेक्नॉलजी को टेस्ट नहीं करेंगी, आपके टेंपरामेंट और पेशेंस को भी टेस्ट करने वाली हैं। आपको हमेशा ये ध्यान रखना होगा कि आपके प्रयास और निरंतर अभ्यास ही हमें सफलता के रास्ते पर ले जाएंगे।
गौर करने वाली बात है कि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को संकट से उबारने के लिए 5000000 करोड़ रुपए के पैकेज पर कुछ नहीं कहा। मुख्यमंत्री ने अपील की थी कि उत्तर कर्नाटक और गेडगू बाढ़ से काफी प्रभावित हैं, लिहाजा इसके लिए पांच लाख करोड़ रुपए की आर्थिक मदद दी जाए। पीएम मोदी के काफिले को सैकड़ों किसानों ने काला झंडा दिखाया।












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