अब जवाहर लाल नेहरू से जुड़े कई राज खुलेंगे
नई दिल्ली। भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के लिखे पत्रों को अब लोग गांधी परिवार की अनुमति के बिना पा सकते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नेहरू द्वारा 1946 के बाद लिखे पत्रों को लोगों के लिए सार्वजनिक कर दिए हैं।

आपको बता दें कि इससे पहले नेहरू द्वारा लिखे पत्रों की प्रति को पाने के लिए गांधी परिवार और प्रधानमंत्री कार्यालय की अनुमति लेना अनिवार्य था। नेहरू द्वारा लिखे पत्रों को गांधी परिवार ने प्रधानमंत्री कार्यालय को दान कर दिये हैं। एक अंग्रेजी अखबार की मानें तो नेहरू द्वारा लिखे पत्रों को दो हिस्से में बांटा गया है। पहले हिस्से में 1946 से पहले के लिखे पत्र जबकि दूसरे हिस्से में 1946 के बाद के लिखे पत्र।
हालांकि 1946 से पहले के लिखे पत्रों को पहले ही लोगों की सार्वजनिक कर दिया गया है। जिसकी प्रति पाने के लिए किसी भी अनुमति की आवश्यकता नहीं है। लेकिन 1946 के बाद के पत्रों की प्रति को पाने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय की अनुनति लेनी होगी, जो कि नेहरू म्युजिमय और लाइब्रेरी में रखी गयी है।
इन पत्रों की गांधी परिवार की अनुमति मिलने के बाद यह देखना काफी दिलचस्प हो जाता है कि नेहरू ने चीन और कश्मीर से निपटने के लिए किस नीति को अख्तियार किया था। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी रैलियों में नेहरू की चीन और कश्मीर की नीति पर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था कि अगर नेहरू के बजाए सरदार बल्लभ भाई पटेल प्रधानमंत्री होते तो भारत का इतिहास अलग होता।












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