लक्षद्वीप में नए नियमों के खिलाफ 12 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठेंगे स्थानीय लोग और मवेशी, बंद रहेंगी दुकानें
नई दिल्ली, जून 7। लक्षद्वीप में नए प्रस्तावित नियमों के विरोध में स्थानीय लोग, पर्यटक और मवेशी सोमवार से 12 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठेंगे। आपको बता दें कि यहां के निवासी इन नियमों का कड़ा विरोध कर रहे हैं। उन्हें डर है कि इन नियमों के आने के बाद लक्षद्वीप की संस्कृति और परंपरा नष्ट हो जाएगी, जो लगभग 70,000 निवासियों का घर है।
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सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बंद रहेंगी दुकानें
इन नियमों के खिलाफ विरोध का संचालन करने वाले संस्था Save lakshadweep Forum का कहना है कि सरकार जो नए प्रस्ताव लेकर आ रही है, वो हमारी संस्कृति के लिए खतरा है, इसलिए हम लोग इन प्रस्तावों के विरोध में भूख हड़ताल कर रहे हैं। हमारी हड़ताल के दौरान आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सभी दुकानें सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बंद रहेंगी। वहीं लक्षद्वीप प्रशासक प्रफुल्ल खोड़ा पटेल के प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ को रोकने के लिए महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई करने की सख्त चेतावनी दी है।
इस विरोध को संचालित करने वाले एक लीडर का कहना है कि लक्षद्वीप में इस तरह का विरोध पहली बार हो रहा है। प्रशासन हमारे साथ पक्षपात रवैया अपना रहा है। हमें बार-बार यही आश्वासन दिया गया कि स्थानीय लोगों की भावनाओं का सम्मान किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं है। प्रशासन अपने निर्णयों पर लगातार आगे बढ़ रहा है।
लक्षद्वीप में क्यों मचा है सियासी बवाल?
आपको बता दें कि लक्षद्वीप में पिछले कई दिनों से सियासी बवाल मचा हुआ है, जिसकी वजह वहां के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल द्वारा लाए गए नए नियम हैं। इन प्रस्तावित नियमों को लेकर वहां के नागरिकों को अपनी संस्कृति खतरे में नजर आ रही है और यही वजह है कि लोगों का गुस्सा हर दिन के साथ बढ़ता ही जा रहा है। तमाम विपक्षी राजनीतिक दल भी इन कानूनों को लेकर केंद्र की मोदी सरकार को निशाना बना रहे हैं। देशभर में विपक्षी दल के नेता लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल को हटाने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए तमाम विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र भी लिखा है।
नए नियमों में आखिर क्या है ऐसा, जो हो रहा है विरोध
केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में वहां के प्रशासक प्रफुल्ल भाई पटेल ने कुछ प्रावधान बनाए हैं। इनमें पहला है- लक्षद्वीप विकास प्राधिकरण विनियमन 2021 है, जिसके तहत प्रशासक को विकास के उद्देश्य से किसी भी संपत्ति को जब्त करने और उसके मालिकों को स्थानांतरित करने या हटाने की अनुमति होगी। इसके अलावा
दूसरा है असामाजिक गतिविधियों की रोकथाम के लिए प्रिवेंशन ऑफ एंटी-सोशल एक्टीविटीज (PASA) एक्ट। इसके तहत किसी भी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से गिरफ्तारी का खुलासा किए बिना सरकार द्वारा उसे एक साल तक हिरासत में रखने की अनुमति होगी।
तीसरा मसौदा पंचायत चुनाव अधिसूचना से जुड़ा हुआ है, जिसके तहत दो बच्चों से ज्यादा वालों को पंचायत चुनाव की उम्मीदवारी से बाहर किया जा सकता है।
चौथा मसौदा है- लक्षद्वीप पशु संरक्षण विनियमन, जिसके तहत स्कूलों में मांसाहारी भोजन परोसने पर प्रतिबंध और गोमांस की बिक्री, खरीद या खपत पर रोक का प्रस्ताव है।
पांचवा मसौदा है- शराब पर प्रतिबंध हटाना। इसके तहत शराब के सेवन पर रोक हटाई गई है।












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