Labour Son Civil Servant बनकर कामयाबी की बना मिसाल, बिना कोचिंग के लाया अंडर 100 रैंक

Labour Son Civil Servant बन जाए तो पूरे समाज में कामयाबी की मिसाल बनती है। odisha civil services exam में 27 साल के इस युवक ने 76वीं रैंक हासिल की है। Labour Son Civil Servant In 4th attempt Dhenkanal youth muna odisha

Labour Son Civil Services Success की कहानी हजारों युवाओं को प्रेरणा दे सकती है, जो किसी मामूली बाधा के कारण हार मान जाते हैं। ये कहानी है भगवान जगन्नाथ की धरती ओडिशा की। ओडिशा के एक दिहाड़ी मजदूर का बेटा राज्य की सिविल सेवा परीक्षा- Odisha Civil Services में सफल हुआ है। कामयाबी भी ऐसी चमकदार, मानो इससे पीढ़ियों तक प्रेरणा मिलेगी। जी हां, दिहाड़ी मजदूरी करने वाले आदमी के बेटे ने अंडर 100 रैंक हासिल किया है। ढेंकनाल जिले की ये सक्सेस स्टोरी युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रही है।

दिहाड़ी मजदूर के बेटे की सक्सेस

दिहाड़ी मजदूर के बेटे की सक्सेस

ओडिशा के ढेंकनाल में रहने वाले मुना सेठी ने साबित कर दिखाया है कि दृढ़ संकल्प सभी बाधाओं को दूर करता है। दिहाड़ी मजदूर के बेटे 27 वर्षीय मुना ने ओडिशा सिविल सेवा (Odisha Civil Services) परीक्षाओं में 76 वां रैंक हासिल किया है।

संकल्प के दम पर चौथे प्रयास में परीक्षा

संकल्प के दम पर चौथे प्रयास में परीक्षा

मुना की सफलता इसलिए भी विशेष है क्योंकि उन्होंने किसी भी कोचिंग का लाभ नहीं उठाया। भले ही उन्हें पहले प्रयास में कामयाबी न मिली हो, लेकिन उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और संकल्प के दम पर चौथे प्रयास में परीक्षा उत्तीर्ण कर ली।।

गांव के स्कूल से पढ़ाई की शुरुआत

गांव के स्कूल से पढ़ाई की शुरुआत

मुना की कामयाबी के संबंध में दी न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक बच्चे के पिता रवींद्र सेठी दिहाड़ी मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं। मुना ने अपने गांव के स्कूल में पहली से पांचवीं तक की पढ़ाई की और प्लस टू की पढ़ाई नवोदय सारंगा से की। इसके बाद उन्होंने रेनशॉ कॉलेज से वाणिज्य में स्नातक की पढ़ाई पूरी की और स्नातकोत्तर के लिए उत्कल विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया।

खराब सेहत के कारण छूटी पढ़ाई

खराब सेहत के कारण छूटी पढ़ाई

मुना बताते हैं कि खराब स्वास्थ्य के कारण वे अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई जारी नहीं रख सके। पढ़ाई छूटने के बाद मुना ने अपने गांव में ही ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया। इसी दौरान उन्होंने सिविल सेवा (ओसीएस) परीक्षा की तैयारी भी की। चौथे अटेंप्ट में मिली सक्सेस को लेकर मुना सभी लोगों का आभार प्रकट करते हैं।

तीन असफलताओं के बावजूद उम्मीद नहीं छोड़ी

तीन असफलताओं के बावजूद उम्मीद नहीं छोड़ी

सिविल सेवा परीक्षा जैसी कठिन चुनौती बिना ट्यूशन के पार करना और उसमें भी अंडर 100 रैंक हासिल करने के बारे में मुना ने न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में कहा, 'मैं उन सभी को धन्यवाद देता हूं जो मेरी सफलता से जुड़े हैं। जब भी मेरे पास समय होता था, OCS परीक्षा की तैयारी करता था। तीन बार परीक्षा पास नहीं कर सका, लगातार असफलता हाथ लगी, लेकिन उम्मीद नहीं छोड़ी।'

गरीबी दूर करने का प्रयास करेंगे

गरीबी दूर करने का प्रयास करेंगे

मुना कहते हैं कि ओडिशा एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसस (OAS) अधिकारी के रूप में वह गरीबों के लिए काम करेंगे और अपना समय गरीबी उन्मूलन योजनाओं के उचित कार्यान्वयन के लिए समर्पित होकर काम करना चाहते हैं।

लक्ष्य शिक्षा को बढ़ावा देना

लक्ष्य शिक्षा को बढ़ावा देना

दिहाड़ी मजदूर के बेटे के रूप में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा ? इस पर मुना बताते हैं कि चैलेंज तो कई सारे मिले, लेकिन अब सक्सेस मिलने के बाद उनका लक्ष्य शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी काम करना है, जिससे गरीबों के बच्चों को भी पर्याप्त अवसर और पढ़ाई के साधन मिल सकें।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+