Kumbh Mela 2025: फर्जी बाबाओं की एंट्री पर सख्ती, गैर सनातनियों के स्टालों पर प्रतिबंध, ABAP के सख्त नियम
Maha Kumbh Mela 2025: कुंभ क्षेत्र में श्रद्धालुओं, साधु, संतों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के लिए सख्त नियम लागू किए जा रहे हैं। प्रयागराज में निरंजनी अखाड़े के मुख्यालय में आयोजित एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में 13 अखाड़ों (संतों के आदेशों) की देखरेख करने वाली शासी निकाय, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (एबीएपी) के सदस्य शामिल हुए। बैठक के दौरान एबीएपी ने कुंभ से जुड़े उर्दू शब्दों का नाम बदलने और "गैर-सनातनी" को भोजन स्टाल लगाने से प्रतिबंधित करने की भी मांग की है।
महाकुंभ अगले वर्ष यानी 13 जनवरी, 2025 को प्रयागराज में गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों के संगम पर होने वाला है। मेले में सनातन धर्म की रक्षा, सुरक्षा और धार्मिक नियमों को पालन के लिए अखाड़ा परिषद की ओर से कुछ अहम नियम प्रस्तावित किए गए हैं, जिन्हें एबीएपी की ओर प्रशासन को भेजा जाएगा।

कुंभ मेला 2025 को लेकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के ओर तैयार किए जाने वाले प्रस्ताव में कुंभ से जुड़े उर्दू शब्दों का नाम बदलने और "गैर-सनातनी" को भोजन स्टाल लगाने से प्रतिबंधित करने की भी मांग की है।
फर्जी बाबाओं पर कसेगी नकेल
अखाड़ा परिषद का मानना है कि सनातन धर्म को बदनाम करने वाली ताकतें सक्रिय हैं। एबीएपी की ओर जारी बयान में कहा गया, "हमारी जिम्मेदारी है कि हम सनातन विरोधी ताकतों को दूर रखें और कुंभ मेले में सुरक्षा सुनिश्चित करने में जिला प्रशासन का सहयोग करें। इसलिए कुंभ मेले में आने वाले साधु-संतों के लिए आधार या आईडी प्रूफ अनिवार्य करने का फैसला किया गया है।"
वहीं एबीएपी के प्रमुख रवींद्र पुरी ने हाल ही में कहा, "हमने सभी अखाड़ों को कुंभ में 'फर्जी बाबाओं' के प्रवेश पर नजर रखने के लिए जिला प्रशासन और अन्य कानून प्रवर्तन अधिकारियों को संबंधित संतों की एक सूची प्रदान करने का निर्देश दिया है।
बता दें की अखाड़ा परिषद की बैठक निरंजनी अखाड़े के मुख्यालय, दारागंज, प्रयागराज में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने की, जिसमें सभी अखाड़ों के महामंडलेश्वर शामिल थे, निकाय ने सभी अखाड़ों को अपने संबंधित संतों को आईडी कार्ड जारी करने का निर्देश दिया और पुष्टि की कि संतों की सूची जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी।
गैर सनातनियों के प्रतिष्ठानों पर प्रतिबंधन की मांग
कुंभ में गैर-सनातनी लोगों द्वारा फूड स्टॉल लगाने पर प्रतिबंध की मांग अखाड़ा परिषद की ओर किए जाने का प्रस्ताव पर चर्चा हुई। एबीएपी के प्रमुख रवींद्र पुरी ने कहा, "यह प्रस्ताव हाल की कई घटनाओं का नतीजा है, जिनमें जूस में मूत्र मिलाया गया और भोजन में थूकने समेत अन्य घटनाएं हुईं। सभी हिंदू कुंभ मेले में होंगे, इसलिए अपवित्र चीजें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
एबीएपी ने आगे कहा कि गैर-सनातनी लोगों पर फूड स्टॉल लगाने पर प्रतिबंध के लिए एक औपचारिक प्रस्ताव दिवाली के बाद पारित किया जाएगा और मंजूरी के लिए आदित्यनाथ को सौंपा जाएगा। इसके अतिरिक्त, एबीएपी ने कहा है कि कुंभ में केवल सनातन धर्म के अनुयायियों, जिनमें नाई, बढ़ई, मोची और यहां तक कि ऑन-ड्यूटी कर्मचारी भी शामिल हैं, को तैनात किया जाना चाहिए। शीर्ष निकाय ने श्रद्धालुओं से यह भी आग्रह किया कि वे केवल उन्हीं दुकानों से सामान खरीदें जिन पर मालिक का नाम प्रदर्शित हो।
अखाड़ा परिषद ने आगे कहा, "भक्तों को उनकी सेवाएं लेने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दुकान, ढाबा या रेस्तरां के अंदर देवी-देवताओं की मूर्ति या तस्वीर मौजूद हो। ऐसे में संस्था ने कुंभ क्षेत्र के आसपास शराब और मांस की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग की है।"
कुंभ 2025 में 40 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
कुंभ मेला सनातन धर्मियों का एक प्रतिष्ठित पर्व है, जो कि 12 वर्ष में प्रमुख भारतीय धार्मिक शहरों प्रयागराज, हरिद्वार, नासिक और उज्जैन में आयोजित किया जाता है। ये पर्व पवित्र नदियों में पवित्र स्नान के माध्यम से शुद्धिकरण और आध्यात्मिक नवीनीकरण का प्रतीक है। अगले वर्ष कुंभ 13 जनवरी से प्रयागराज में शुरु होगा और 26 फरवरी तक कुंभ मेले की धूम रहेगी।












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