सिब्बल-तुषार के बाद बांसुरी से लेकर इंदिरा तक, कोलकात केस में अमीर वकीलों की फौज, किसके पास सबसे ज्यादा पैसा
Kolkata Doctor Case Advocate: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर रेप और हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई में देश के हाई-प्रोफाइल वकील पैरवी कर रहे हैं। अभी तक इस केस में आपने में कपिल सिब्बल और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के तीखी बहस की चर्चा सुनी होगी। लेकिन अब इस केस में कई और हाई प्रोफाइल वकीलों की एंट्री हो गई है।
इस केस में कपिल सिब्बल, तुषार मेहता के अलावा बांसुरी स्वराज, इंदिरा जयसिंग, विकास रंजन भट्टाचार्य, करुणा नंदी जैसे देश के मशहूर वकील पैरवी कर रहे हैं। कोलकात केस में सुप्रीम कोर्ट में 9 सितंबर को हुई पिछली सुनवाई के दौरान 210 वकीलों ने उपस्थिति दर्ज की थी।

अमूमन इतने सारे वकीलों को एक मामले में पेश होते नहीं देखे जाते हैं लेकिन ऐसे मामलों में जहां व्यक्तिगत मामलों को जनहित याचिका में बदल दिया जाता है, वहां वकीलों की संख्या बढ़ जाती है। आइए जानते हैं कोलकाता केस के इन हाई-प्रोफाइल वकीलों की कितनी फीस है और उनकी संपत्ति कितनी है?
कोलकाता डॉक्टर केस: कौन-कौन हैं हाई-प्रोफाइल वकील, कितनी है उनकी फीस, कितनी है संपत्ति
1. कपिल सिब्बल फीस और संपत्ति (Kapil Sibal)

कपिल सिब्बल देश के सबसे मशहूर वकील हैं। कोलकाता जूनियर डॉक्टर रेप-हत्या केस में कपिल सिब्बल पश्चिम बंगला की ममता बनर्जी की सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में केस लड़ रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक पिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट में हर सुनवाई के लिए 14 से 16 लाख रुपये फीस लेते हैं। हाई कोर्ट में 9 से 16 लाख रुपये तक की फीस चार्ज करते हैं
कपिल सिब्बल की कुल संपत्ति 618 करोड़ रुपये है। वहीं उनपर देनदारियां 92 करोड़ रुपये की है।
2. तुषार मेहता फीस और संपत्ति (Tushar Mehta)

तुषार मेहता भारत में एक वरिष्ठ वकील हैं और वर्तमान में भारत के सॉलिसिटर जनरल हैं। कोलकात केस में तुषार मेहता सीबीआई की ओर से केस की पैरवी कर रहे हैं। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अक्टूबर 2018 में तुषार मेहता को सॉलिसिटर जनरल बनाया था।
तुषार मेहता की फीस को लेकर कोई खास जानकारी नहीं मिल पाई है। लेकिन 2022 के एक कानून और न्याय मंत्रालय में दायर की गई एक RTI के जरिए मिली जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार ने अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल को रिटेनर फीस के तौर पर 1 करोड़ से ज्यादा रुपये दिए थे।
वहीं एक दिसंबर 2023 में हरियाणा सरकार ने विवादास्पद कानून का बचाव करने वाले एक केस में 9 सुनवाई में उपस्थित होने के लिए तुषार मेहता और वरिष्ठ अधिवक्ता पुनीत बाली को कुल 55,44,000 रुपये का भुगतान किया था। जिसमें तुषार मेहता को प्रति सुनवाई 4.4 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि तुषार मेहता एक सुनवाई के लिए 5 लाख तक फीस चार्ज करते हैं।
3. इंदिरा जयसिंग फीस और संपत्ति (Indira Jaising)

वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह पश्चिम बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फोरम (WBJDF) का प्रतिनिधित्व सुप्रीम कोर्ट में कर रही हैं। 986 में इंदिरा जयसिंह बॉम्बे हाईकोर्ट की पहली सीनियर एडवोकेट बनी थीं। 2009 में जयसिंह भारत की अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में नियुक्त होने वाली पहली महिला बनी थीं। 2018 में उन्हें फॉर्च्यून पत्रिका के ' 'Fifty Greatest Leaders'में शामिल किया गया था।
इंदिरा जयसिंग की फीस भी लाखों में हैं। वहीं देश की सबसे अमीप महिला वकीलों में शामिल हैं। इंदिरा जयसिंग की फीस का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि 2018 में इंदिरा जयसिंग ने दिल्ला सरकार को पत्र लिखकर 65 लाख रुपये अपनी फीस मांगी थी। आप की सरकार ने 2016 में दिल्ली हाई कोर्ट में में लेफ्टिनेंट गवर्नर के खिलाफ अपने मामलों का प्रतिनिधित्व करने के लिए इंदिरा जयसिंग को अतिरिक्त वकील के रूप में नियुक्त किया था।
4. बांसुरी स्वराज की फीस और संपत्ति (Bansuri Swaraj)

भारतीय जनता पार्टी की सांसद और वकील बांसुरी स्वराज कोलकात केस में शुभेंदु अधिकारी की तरफ से पेश होंगी, जिन्होंने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। बांसुरी स्वराज सुप्रीम कोर्ट की वकील हैं। बांसुरी स्वराज की फीस लाखों में हैं। बांसुरी स्वराज को भाजपा हरियाणा सरकार द्वारा अतिरिक्त महाधिवक्ता के रूप में 2020 में नियुक्त किया गया था। तब उनकी एक महीन की फीस 1,80,000 रुपये और 25,000 रुपये की रिटेनरशिप थी।
बांसुरी स्वराज की कुल संपत्ति करीब 19 करोड़ रुपये है। इसमें 11.27 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और लगभग 8 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्ति शामिल है। इंग्लैंड की प्रतिष्ठित वारविक यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी साहित्य में बी.ए.(ऑनर्स) और लंदन के प्रतिष्ठित बीपीपी लॉ स्कूल से कानून की पढ़ाई करने वाली बांसुरी स्वराज की आय का प्रमुख स्त्रोत वकालत से होने वाली कमाई है। उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में कहा था कि अपनी कमाई का जरिया वकील के तौर पर मिलने वाली फीस और बैंक में जमा राशि से मिलने वाले ब्याज को बताया था।
5. विकास रंजन भट्टाचार्य की फीस और संपत्ति (Bikash Ranjan Bhattacharya)

विकास रंजन भट्टाचार्य भी देश के जाने-माने वकील हैं और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPI (M) से राज्यसभा सांसद भी हैं। विकास रंजन भट्टाचार्य कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुए जघन्य बलात्कार और हत्या केस में पीड़िता के माता-पिता की ओर से पैरवी कर रहे हैं।
विकास रंजन भट्टाचार्य की फीस भी लाखों में है। हलफनामे के मुताबिक इनकी विकास रंजन भट्टाचार्य की कुल संपत्ति 13 करोड़ रुपये हैं। इनकी देनदारियां 2 करोड़ 44 लाख के आसपास है।
6. करुणा नंदी की फीस और संपत्ति (Karuna Nundy)

करुणा नंदी सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। 2024 में ही करुणा नंदी को वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया है। कोलकात केस में करुणा नंदी डॉक्टरों के एक अन्य संगठन 'ज्वाइंट प्लेटफॉर्म ऑफ डॉक्टर्स वेस्ट बंगाल' की ओर से पैरवी कर रही हैं। करुणा नंदी टाइम मैगजीन की 2022 की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में भी शामिल थीं।
लैंगिक और महिला अधिकारों से संबंधित कई ऐतिहासिक मामलों के लिए जानी जाने वाली सुप्रीम कोर्ट की वकील करुणा नंदी को टाइम ने "केवल एक वकील ही नहीं, बल्कि एक सार्वजनिक कार्यकर्ता भी बताया है, जो परिवर्तन लाने के लिए अदालत के अंदर और बाहर दोनों जगह अपनी आवाज का कुशलतापूर्वक और साहसपूर्वक उपयोग करती है।" हालांकि करुणा नंदी की फीस और संपत्ति के बारे में कोई खास जानकारी पब्लिक डोमेन में नहीं है।












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