पढ़ें नये पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे का पूर्ण परिचय
एक पर्यावरणविद्, नदी संरक्षणवादी, लेखक, सांसद और एक शौकिया पार्यटक- नये पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनिल माधव दवे समाज में अपनी विभिन्न भूमिकाओं के लिए कुछ इसी तरह से जाने जाते हैं। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के बरनागर गांव में 6 जुलाई, 1956 को जन्मे दवे ने अपनी आरंभिक शिक्षा गुजरात में हासिल की। उन्होंने इंदौर से ग्रामीण विकास एवं प्रबंधन में विशेषज्ञता के साथ वाणिज्य में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। वह कॉलेज के दिनों में एक छात्र नेता थे।

वह स्वयं के द्वारा स्थापित 'नर्मदा समग्र' नामक संगठन के जरिये नर्मदा नदी पर अपने कार्य के लिए जाने जाते हैं। यह संगठन विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों के जरिये नर्मदा नदी और इसके जलग्रहण क्षेत्र के संरक्षण के लिए कार्यरत है। उन्होंने हवा में अपनी परिक्रमा पूरी करने के लिए नर्मदा के किनारे 18 घंटों तक एक सेसना 173 विमान से उड़ान भरी थी। उन्होंने 19 दिनों में 1312 किमी लम्बी नर्मदा नदी की दुर्गम बेड़ा यात्रा पूरी की थी।
दवे ही द्विवार्षिक कार्यक्रम 'नदी महोत्सव' के आयोजन के पीछे असली ताकत हैं। समूचे एशिया में यह अपनी तरह का एक विशिष्ट महोत्सव है। यह विशेषकर पूरी दुनिया में नदियों के संरक्षण से जुड़े जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरण के मुद्दों को कवर करता है। उन्होंने विभिन्न विषयों/क्षेत्रों जैसे कि राजनीति, प्रशासन, कला एवं संस्कृति, यात्रा वृत्तांत, इतिहास, प्रबंधन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन पर अनेक पुस्तकें लिखी हैं।
अनिल माधव दवे की कुछ पुस्तकें
- शिवाजी एंड सुराज
- क्रिएशन टू क्रिमेशन
- रैफ्टिंग थ्रू ए सिविलाइजेशन
- ए ट्रैवलॉग
- शताब्दी के पांच काले पन्ने
- संभल के रहना अपने घर में छुपे हुए गद्दारों से
- महानायक चंद्रशेखर आजाद
- रोटी और कमाल की कहानी
- समग्र ग्राम विकास
- अमरकंटक से अमरकंटक तक
- बेयांड कोपेनहेगन
- यस आई कैन, सो कैन वी
अनिल माधव दवे ने मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले के हर स्कूल में जैव-शौचालयों के विकास के लिए कार्यक्रम शुरू किया है। इस कार्यक्रम की घोषणा प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2014 में स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली में लालकिले से दिए गए अपने संबोधन में की गई थी। इस परियोजना के जरिये होशंगाबाद जिले के 1880 स्कूलों के 98000 विद्यार्थियों को बालकों एवं बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय सुविधाएं प्राप्त होंगी।
दवे ने नर्मदा नदी के किनारे स्थित जहानपुर पंचायत (एक स्थानीय स्वशासन की आधारशिला) को गोद लिया है, जिसमें चार गांव (जहानपुर सहित) हैं। उन्होंने सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत इसे गोद लिया है ताकि इसका समग्र एवं आदर्श विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। इनमें ये शामिल हैं: सदस्य, पर्यावरण एवं वन और विज्ञान व प्रौद्योगिकी पर स्थायी समिति, सदस्य, जल संसाधन पर स्थायी समिति, नेहरू युवा केंद्र संगठन के सदस्य (संचालक मंडल), भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के सदस्य के रूप में मनोनीत; अध्यक्ष, भ्रष्टाचार की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2013 पर प्रवर समिति; अध्यक्ष, कोयला खान (विशेष प्रावधान) विधेयक, 2015 पर प्रवर समिति; अध्यक्ष, अचल संपत्ति (नियमन एवं विकास) विधेयक,2015 पर प्रवर समिति, विदेश मंत्रालय द्वारा भोपाल में आयोजित 10वें विश्व हिन्दी सम्मेलन के लिए उपाध्यक्ष; अध्यक्ष, सिंहस्थ कुंभ 2016 के मद्देनजर 'ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन- उपाय' पर राष्ट्रीय सम्मेलन की आयोजन समिति; अध्यक्ष, अंतरराष्ट्रीय सिंहस्थ शिखर सम्मेलन 2016 'विचार महाकुंभ' के लिए आयोजन समिति; सदस्य, भुगतान एवं निपटान प्रणालियों पर प्रवर समिति, सार्वजनिक लेखा समिति और सदस्य, 'वक्फ बोर्ड' पर प्रवर समिति।
उन्होंने विश्व के विभिन्न हिस्सों में यूएनएफसीसीसी द्वारा पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन पर आयोजित सम्मेलनों में भाग लिया है। उन्होंने आतंकवाद का मुकाबला करने पर हर साल इजरायल में आयोजित होने वाली संगोष्ठियों और सम्मेलनों में भी भाग लिया है। उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका एवं यूरोप के विभिन्न हिस्सों और अफ्रीका के दक्षिणी हिस्सों की व्यापक यात्राएं की हैं।












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