आखिरकार जंग लग गयी मुनव्वर राणा की कलम को!
लखनऊ। मशहूर शायर मुनव्वर राणा ने देश के बिगड़ते सांप्रदायिक माहौल का हवाला देते हुए साहित्य अकादमी अवार्ड और एक लाख रुपए का चेक एक लाइव टीवी शो में लौटा दिया है।
मुनव्वर राणा ने कहा कि इस वक्त बोलता काफी कठिन काम है। अगर लेखक या साहित्यकार कुछ बोलता है तो उसे किसी ना किसी पार्टी से जोड़ दिया जाता है या फिर उसे पाकिस्तान जाने की नसीहत दे दी जाती है।
मुनव्वर राणा ने कहा कि मैं अब इस देश में कोई भी सरकारी सम्मान नहीं लुंगा और उम्मीद करता हूं कि मेरा बेटा भी अपने अंदर गैरत को जिंदा रखेगा और वह भी कोई सरकारी सम्मान नहीं लेगा।
गौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले मुनव्वर राणा ने ट्वीट करके कहा था कि वह ना सिर्फ साहित्य अकादमी अवार्ड बल्कि सारे अवार्ड लौटाने को तैयार हैं बशर्ते इससे ज़ुल्म, निर्दोषों की हत्या, साम्प्रदायिकता और दंगे रुक सके।
राणा ने ट्वीट करके कहा था कि अवार्ड लौटाना बड़ी बात नहीं है बल्कि अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज को सुधारा जाए। उन्होंने कहा था कि उनकी कलम में जंग नहीं लगा है और वह अवॉर्ड नहीं लौटायेंगे।
बहरहाल एक तरफ जहां मुनव्वर राणा इस अवार्ड को लौटाने के बाद इसे त्वरित फैसला बता रहे हैं वहां सवाल यह उठता है कि क्या इस त्वरित फैसले के लिए वह अवॉर्ड और एक लाख का चेक साथ में लेकर आये थे।













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