तीरथ सिंह ठाकुर- क्रिमिनल लॉयर से देश के मुख्य न्यायाधीश पद तक का सफर
लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पद का आज तीरथ सिंह ठाकुर ने कार्यभार संभाल लिया है। जस्टिस ठाकुर ने एच एल दत्तू के सेवानिवृत्त होने के बाद देश के 43वें मुख्य न्यायाधीश का कार्यभार संभाला है।

जस्टिस ठाकुर का जन्म 4 जनवरी 1952 को हुआ था। कैरियर की शुरुआत उन्होंने अपने पिता डीडी ठाकुर जोकि वरिष्ठ वकील थे के साथ जम्मू कश्मीर में बतौर वकील की। जस्टिस तीरथ ठाकुर के पिता डीडी ठाकुर जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट के जज भी रह चुके हैं।
जस्टिस तीरथ सिंह ठाकुर इससे पूर्व में दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पद पर थे। जिसके बाद उन्होंने पंजाब और हरियाणा के मुख्य न्यायाधीश का पद संभाला। 17 नवंबर 2009 में सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में नियुक्त किये गये।
कैरियर की शुरुआत बतौर क्रिमिनल लॉयर. टैक्सेशन एंड सर्विस लॉयर की भूमिका निभाने के बाद 1990 में तीरथ सिंह ठाकुर को वरिष्ठ अधिवक्ता नियुक्त किया गया।
जस्टिस ठाकुर ने पंजाब और हरियाणा, सहित दिल्ली के साथ कर्नाटक हाई कोर्ट में भी 1994 में बतौर जज अपनी भूमिका निभायी।
जस्टिस तीरथ नाथ ठाकुर का परिचय संक्षिप्त में
- 16 फरवरी 1994 में जम्मू कश्मीर के अडिशनल जज बनाये गये।
- मार्च 1994 में कर्नाटक हाई कोर्ट के जज बनाये गये।
- जुलाई 2004 दिल्ली हाई कोर्ट ने जज बनाये गये।
- 9.4.2008 में दिल्ली के मुख्य न्यायाधीश बनाये गये।
- 11.8.2008 में पंजाब और हरियाणा के मुख्य न्यायाधीश बनाया गया।
- 17.11.2009 में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बनाये गये।
- 3.12.2005 को देश के मुख्य न्यायाधीश बनाये गये।
- 4 जनवरी 2017 को वह अपने पद से सेवानिवृत्त होंगे।












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