11 मई 1998, दोपहर 3.45 बजे जब प्रधानमंत्री बोले भारत अब परमाणु शक्ति है
नई दिल्ली। देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी अदम्य साहस के लिए जाना जाता है। खासकर जिस तरह से दुनिया के दबाव के बावजूद भारत ने सफलतापूर्वक परमाणु परीक्षण किया उसने दुनिया में भारत का डंका बजाने का काम किया है। आज ही के दिन 11 मई 1998 को भारत ने पोखरन में सफलतापूर्वक परमाणु परीक्षण किया था।

परमाणु बम का जवाब परमाणु बम से ही दिया जा सकता है
1964 में जब पहली बार भारत ने परमाणु परीक्षण किया था तो अटल बिहारी वाजपेयी ने संसद में कहा था कि परमाणु बम का जवाब परमाणु बम से ही दिया जा सकता है किसी और चीज से नहीं।
वहीं जब भारत ने सफलतापूर्वक परमाणु परीक्षण किया था तो वाजपेयी ने इस परीक्षण के तुरंत बाद मीडिया में आकर कहा था कि भारत अब परमाणु शक्ति वाला देश है, हमारे पास अब परमाणु बम है।
सेना की वर्दी और रात के अंधेरे में करते थे वैज्ञानिक काम
इस अभियान की सबसे बड़ी बात यह थी कि भारत पर इस परीक्षण तो नहीं करने का भारी दबाव था। जिसके चलते भारतीय वैज्ञानिक सेना की वर्दी में हमेशा काम करते थे। यही नहीं अमेरिकी सैटेलाइट्स से बचने के लिए देश के वैज्ञानिक रात में ही इस ऑपरेशन पर काम किया करते थे।

Posted by Baba Ramdev on Monday, May 11, 2015
ऑपरेशन शक्ति के नाम से चल रहा था यह अभियान
भारत ने इससे पहले भी भारत ने मई के माह में 1974 में परमाणु परीक्षण किया था, जिसका नाम स्माइलिंग बुद्धा रखा गया था। जबकि 11 मई 1998 को किये गये परीक्षण का नाम ऑपरेशन शक्ति दिया गया था।
भारत अब परमाणु शक्ति है
इस सफल परीक्षण के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रेस कांफ्रेंस करके इस परीक्षण की सबको जानकारी दी थी। उन्होंने प्रेस में आकर बयान दिया था कि मैं देश के वैज्ञिनकों को इस सफलतापूर्वक परीक्षण की बधाई देता हूं, साथ हीं उन्होंने कहा था कि आज से भारत पूरी तरह से परमाणु शक्तिशाली देश है।
दुनियाभर के देशों ने की थी भारत की आलोचना
वहीं भारत के इस सफलतापूर्वक परीक्षण के बाद दुनियाभर के देशों ने भारत की तीखी आलोचना की थी। अमेरिका ने कड़ा बयान जारी करते हुए कहा था कि भारत पर प्रतिबंध जारी रहेगा। वहीं भारत के इस परीक्षण की तैयारी को अमेरिका को नहीं पता चल पाने के चलते अमेरिकी खुफिया एजेंसी को काफी शर्मिंदगी का भी सामना करना पड़ा था।
भारत के इस परीक्षण के बाद कनाडा ने भी आलोचना की थी और भारत से अपने राजदूत तक को वापस बुला लिया था। जापान ने भी इस परीक्षण के खिलाफ भारत पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिया था। जापान ने भारत के साथ सभी आर्थिक समझौतों पर रोक लगा दी थी।
पाकिस्तान बोला भारतीयों का इसका जवाब मिलेगा
वहीं पाकिस्तान ने भारत के इस परीक्षण के खिलाफ भारत की जमकर आलोचना की थी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा था कि पाकिस्तान भारतीयों को इसका जवाब देगा। वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने बयान जारी करके कहा था कि पाक भी भारत की बराबरी को तैयार है और हम परमाणु परीक्षण करने की कूबत रखते हैं।
कुछ देशों ने नहीं दी कोई प्रतिक्रिया
वहीं एक तरफ जहां दुनिया के कई देश भारत के इस परमाणु परीक्षण की आलोचना कर रहे थे तो ब्रिटेन, फ्रांस, रूस ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देते हुए भारत की कोई भी आलोचना नहीं की।
वहीं इस दिन को यादगार बनाने के लिए 11 मई को आधिकारिक रूप से नेशनल टेक्नोलॉजी डे घोषित किया गया था। इस दिन विज्ञान के क्षेत्र में बेहतरी योगदान देने वालों को सम्मानित किया जाता है।












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