पटना वाले खान सर, अब तो मुश्किल में फंस गए! विरोध के बीच दर्ज हुआ मुकदमा, पब्लिक बोली- 'खान सर को रिहा करो'
khan Sir: पटना के मशहूर शिक्षक खान सर सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। वजह है, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन के विरोध प्रदर्शन में छात्रों के साथ खान सर का शामिल होना। पटना में शुक्रवार 6 दिसंबर की शाम खान सर के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद गर्दनीबाग थाने पहुंचने पर उनके हिरासत में लिए जाने और गिरफ्तारी की अफवाहें फैली। इसके बाद से ही वो सुर्खियों में है।
सोशल मीडिया एक्स पर हैशटैग #खान_सर_को_रिहा_करो और #khansir टॉप ट्रेंड कर रहा है। इन दोनों हैशटैग पर 15 हजार से ज्यादा लोगों के एक्स पोस्ट हैं। लेकिन अब खान सर को लेकर एक बुरी खबर आई है। असल में गिरफ्तारी और हिरासत की अफवाह फैलाने के आरोप में खान सर की कोचिंग संस्थान ''खान ग्लोबल स्टडीज'' पर केस दर्ज हुआ है।

क्यों दर्ज हुआ ''खान ग्लोबल स्टडीज'' पर FIR?
पटना पुलिस ने खान सर की गिरफ्तारी की अफवाह फैलाने के आरोप में खान सर की कोचिंग संस्थान ''खान ग्लोबल स्टडीज'' के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पटना पुलिस ने दावा किया है कि कोचिंग संस्थान ''खान ग्लोबल स्टडीज'' के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से खान सर की गिरफ्तारी की झूठी खबरें और वीडियो पोस्ट किए गए थे। जिसकी वजह से गिरफ्तारी या हिरासत में लिए जाने की अफवाह फैली।
पटना पुलिस ने कहा है कि इन पोस्ट्स में 'खान सर को रिहा करो' जैसे नारे भी लगाए गए थे। सचिवालय डीएसपी अनु कुमारी ने कहा है कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है और इसमें कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अनु कुमारी ने यह भी कहा है कि हमारी पुलिस ने खान सर को ना तो गिरफ्तार किया था और ना ही हिरासत में लिया था। वो खुद थाने आए थे और बाद उनके कहने पर पुलिस की गाड़ी में उन्हें सुरक्षित घर भेज दिया गया था।
''खान ग्लोबल स्टडीज'' के हैंडल से क्या कहा गया?
''खान ग्लोबल स्टडीज'' के हैंडल @kgs_live पर शनिवार 07 दिसंबर को किए गए पोस्ट में कहा गया है कि, ''डियर, छात्र, आपको यह सूचित करते हुए खुशी हो रही है कि खान सर को बीपीएसी की नोटिफिकेशन जारी होने के तुरंत बाद रिहा कर दिया गया है और उनकी सेहत अब स्थिर है। खान सर ने हमेशा छात्रों के हितों का समर्थन किया है और आगे भी करते रहेंगे। बीपीएसी नोटिफिकेशन इस बात का प्रमाण है कि सच हमेशा विजयी होता है और छात्रों के कल्याण से बढ़कर कुछ भी नहीं है। आप सभी के समर्थन और विश्वास के लिए धन्यवाद। छात्रों की जीत, बिहार की जीत।''
एक अन्य पोस्ट में कहा गया है कि ''यह जीत या हार का सवाल नहीं था। सभी अभ्यर्थी केवल एक कदाचार मुक्त परीक्षा की मांग कर रहे थे, जो छात्रहित में हो। आयोग द्वारा इस मुद्दे को गंभीरता से न लेने के कारण सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा। नॉर्मलाइजेशन रद्द करने की अधिसूचना जारी हुई, जो सभी छात्रों के संघर्ष और समर्थन की जीत है। हम सरकार, पटना पुलिस प्रशासन और आयोग का धन्यवाद करते हैं। छात्रहित ही सबसे महत्वपूर्ण है!''












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