Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

कोरोना पर हर्षवर्धन की टिप्पणी के बाद केरल सरकार का पलटवार- 'गलत ना बोलें स्वास्थ्य मंत्री, शक है तो ICMR से पूछें'

कोरोना पर हर्षवर्धन की टिप्पणी के बाद केरल सरकार का पलटवार- 'गलत ना बोलें स्वास्थ्य मंत्री, शक है तो ICMR से पूछें'

तिरुवनंतपुरम: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन (Harsh Vardhan) ने संडे संवाद में कहा कि केरल में ओणम उत्सव के दौरान भारी लापरवाही के कारण राज्य में कोरोना वायरस (Covid-19) संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं। बाकी राज्यों को आने वाले त्योहारों के दौरान केरल से सबक सीखने की जरूरत है।(Kerala Covid-19) स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन की टिप्पणी के बाद विपक्ष ने भी राज्य की पिनाराई विजयन सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। अब इस पूरे मामले पर केरल सरकार के एक अधिकारी ने हर्षवर्ध की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी है। राज्य सरकार के एक अधिकारी ने कहा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने गलत जानकारी दी है, अगर उन्हे शक है तो वो ICMR में अपने वैज्ञानिकों से पूछ लें।

Kerala

'एक राजनेता के तौर पर हर्षवर्धन कुछ भी बोल सकते हैं'

Recommended Video

    Coronavirus और Economy को लेकर Rahul Gandhi का Modi सरकार पर हमला | वनइंडिया हिंदी

    इंडियन एक्प्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, केरल के सामाजिक सुरक्षा मिशन के कार्यकारी निदेशक डॉ. मोहम्मद असील ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा, बतौर एक राजनेता हर्षवर्धन कुछ भी कह सकते हैं। लेकिन अगर वह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के रूप में बोलते हैं, तो उन्हें चीजों को सही जानकारी लेने के बाद बोलना चाहिए। उन्होंने जो कहा वह गलत है। यदि उन्हें संदेह है, तो ICMR में अपने वैज्ञानिकों से पूछें।

    डॉ. असील राज्य के सामाजिक न्याय विभाग के साथ काम करते हैं, जो केरल की स्वास्थ्य मंत्री के. के. शैलजा के अधीन है। वह कोविड -19 प्रबंधन पर स्वास्थ्य विभाग को सलाह देने वाली एक कोर टीम के सदस्य हैं, और अक्सर केरल कोविड उपायों पर फेसबुक का संचालन करते हैं।

    केरल की स्वास्थ्य मंत्री शैलजा ने भी हर्षवर्धन के बयान पर दी प्रतिक्रिया

    केरल की स्वास्थ्य मंत्री शैलजा सहित केरल के स्वास्थ्य अधिकारियों ने हाल के कुछ सप्ताहों में माना है कि अगस्त के अंतिम सप्ताह में ओणम त्योहार, एक अवधि जिसमें लोग एक-दूसरे के संपर्क में बहुत ज्यादा आए थे, उसका असर सितंबर और अक्टूबर में संक्रमण के प्रभाव पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि ओणम के दौरान कोविड -19 प्रोटोकॉल का पालन जनता ने सही ने नहीं किया।

    वहीं, केरल की स्वास्थ्य मंत्री शैलजा ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन के बयान का मतलब त्योहारी मौसम से पहले अन्य राज्यों के लोगों को सतर्क करना है। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की तुलना में केरल में मृत्यु दर काफी कम 0.34 प्रतिशत है।

    स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने केरल पर क्या-क्या कहा?

    संडे संवाद में केरल में संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच हर्षवर्धन ने कहा कि राज्य ओणम उत्सव के दौरान भारी लापरवाही की कीमत चुका रहा है। ओणम उत्सव के दौरान केरल सरकार ने सेवाओं को खोल दिया और व्यापार तथा पर्यटन के लिए यात्रा में बढ़ोतरी हुई थी जिससे कोविड-19 का संक्रमण बढ़ा है।

    हर्षवर्धन ने कहा, 30 जनवरी से तीन मई तक केरल में कोरोना के 499 केस रिपोर्ट हुए और बस दो मरीजों की मौत हुई थी। राज्य में पर्यटन बढ़ने से मामले बढ़ गए। ओणम 22 अगस्त से 2 सितंबर तक रहा। केरल में सितंबर के पहले हफ्ते के दौरान 2 हजार मामले हर दिन आ रहे थे, लेकिन बाद में यहां हर दिन 7 हजार से 8 हजार मामले देखने को मिले।

    More From
    Prev
    Next
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+