केरल का मुस्लिम संगठन क्यों खोलना चाहता है यूपी में स्कूल
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) उत्तर प्रदेश और केरल के बीच जितनी दूरी है,उतनी ही दूरियां लगभग हर स्तर पर दोनों सूबों के मुसलमानों के बीच भी हैं। पर, केरल के सुन्नी युवजन संगम नाम के संगठन का इरादा है कि वह उत्तर प्रदेश में 100 करोड़ रुपये की लागत से 125 स्कूल खोले।

इरादा तो बड़ा नेक है, पर जानने वाले जानना चाहते हैं कि इतनी बड़ी योजना के लिए धन की व्यवस्था कहां से होगी। 100 करोड़ रुपये स्कूलों को खोलने के लिए आएंगे कहां से। सुन्नी युवजन संगठन ने उत्तर प्रदेश में दस्तक तो दी है। इसने पीलीभीत और शाहजहांपुर में एक टेक्निकल संस्थान और गरीबों के लिए डिस्पेंसरी खोली है। ये संगठन पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर गुजरात में भी कुछ स्कूल खोल चुका है।
राजनीति और तालीम का संगम
हालांकि यह गैर-राजनीतिक संगठन बताया जाता है, पर इसके एक प्रमुख सदस्य हाकिम अजहरी का कहना है कि वह राजनीति में भी प्रवेश कर सकते हैं। उसे राजनीति से परहेज नहीं है। पर, पहले वह तालीम की रोशनी फैलाना चाहता है।
मुस्लिम लीग से संबंध नहीं
सुन्नी युवजन संगठन पहले उत्तर प्रदेश में प्राइमरी और सेकेंडरी खोलने का इरादा रखता है। आगे चलकर कालेज भी स्थापित कर सकता है। इसका केरल के प्रमुख राजनीतिक दल मुस्लिम लीग से कोई संबंध नहीं है। मुस्लिम लीग के 1952 से हुए हर लोकसभा चुनाव में सदस्य चुने जाते रहे हैं।
आजम खान नाराज
इसके हाल ही में मल्लापुरम में हुए एक कार्यक्रम में अखिलेश सरकार में असरदार मंत्री आजम खान भी गए थे। पर, आजम खान का उधर गर्मजोशी से स्वागत नहीं हुआ। इस कारण वे खफा हैं। वे इसलिए भी नाराज हैं कि उन्हें वहां पर राजनीतिक भाषण देने की इजाजत नहीं मिली।
इस बीच, मेरठ जिले में एक मिनोरिटी स्कूल के प्रबंधन से जुड़े मकसूद अहमद कहते हैं कि केरल के संगठन का इरादा तो नेक है। पर उन्हें शिक्षा का प्रसार-प्रचार करते हुए किसी समाज पर फोकस करने से बचना होगा। उनको सबको साथ लेकर चलना चाहिए।












Click it and Unblock the Notifications