'मल्लू हिंदू ऑफिसर्स' व्हाट्सएप ग्रुप विवाद में IAS गोपालकृष्णन निलंबित, अफसर ने किया था फोन हैक का दावा
Kerala IAS Hindu WhatsApp Group Row: केरल की पिनराई विजयन सरकार ने आईएएस अफसर के गोपालकृष्णन ( K Gopalakrishnan) को 'मल्लू हिंदू ऑफिसर्स' (Mallu Hindu Officers) नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के लिए निलंबित कर दिया है। यह फैसला पुलिस ने उनके इस दावे को खारिज करने के बाद लिया गया है, जिसमें उन्होंने कहा ता कि उनका फोन हैक किया गया था। अधिकारी ने आरोप लगाया था कि हैकर्स उनकी सहमति के बिना यह ग्रुप बनाए थे।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक आईएएस अफसर के निलंबन के आदेश में कहा गया है कि सरकार का मानना है कि व्हाट्सएप ग्रुप का उद्देश्य 'राज्य में अखिल भारतीय सेवाओं के कैडरों के बीच विभाजन को बढ़ावा देना, फूट डालना और एकजुटता को तोड़ना था'।

आदेश में आगे कहा गया है कि अधिकारी का कृत्य प्रथम दृष्टया 'अखिल भारतीय सेवाओं के कैडरों के भीतर सांप्रदायिक गठन और गठबंधन' पैदा करने वाला पाया गया। बताया गया है कि अधिकारी की हरकतें इन कैडरों के भीतर सांप्रदायिक गठजोड़ को बढ़ावा देती दिख रही थीं।
जानिए क्या था पूरा मामला?
मालूम हो कि के गोपालकृष्णन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि अज्ञात हैकर्स ने उनके मोबाइल फोन से छेड़छाड़ की है। उन्होंने दावा किया कि हैकर्स ने उन्हें दो ग्रुपों का एडमिन बना दिया, जो कि मल्लू हिंदू ऑफिसर्स और मल्लू मुस्लिम ऑफिसर्स थे। मल्लू हिंदू ऑफिसर्स ग्रुप कथित तौर पर 30 अक्टूबर को बनाया गया था, जिसमें कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारी भी शामिल थे।
वहीं ग्रुप की अनुचित प्रकृति के बारे में अन्य अधिकारियों से प्रतिक्रिया मिलने पर गोपालकृष्णन ने इसे हटा दिया। इसके बाद केरल सरकार ने और अधिक डिटेल सामने लाने के लिए इसकी जांच शुरू की।
पुलिस जांच के क्या निकला?
पुलिस जांच में गोपालकृष्णन के हैकिंग के दावों का खंडन किया गया। पुलिस को उनके हैक करने के दावे का समर्थन करने वाला कोई सबूत नहीं मिला कि साइबर अपराधियों ने उनके फोन तक पहुंच बनाई थी। इसके अलावा यह भी पता चला कि फोरेंसिक एक्सपर्ट को फौन सौंपने से पहले उन्होंने अपने डिवाइस पर कई बार फैक्ट्री रीसेट किया था।
इस कार्रवाई से सबूतों के साथ संभावित छेड़छाड़ का संदेह पैदा हुआ। हैकिंग के बारे में सबूतों की कमी के कारण गोपालकृष्णन की गतिविधियों और ऐसे ग्रुप बनाने के पीछे के इरादों की और अधिक जांच की गई।












Click it and Unblock the Notifications