'महिलाएं केवल पतियों के साथ सोने के लिए हैं', कौन है ये दिग्गज नेता? जिसके विजय भाषण से फैला आक्रोश
Kerala CPM Leader controversial victory speech: दक्षिण भारत का केरल राज्य के तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड जीत हासिल कर वाम मोर्चे (LDF) के 45 साल के प्रभुत्व को खत्म कर दिया है। वहीं अब केरल के एक नेता ने अपनी चुनावी जीत के जश्न में महिलाओं को लेकर ऐसा कमेंट कर दिया है कि उन्हें जमकर गालियां पड़ रही है।
दरसअल, सीपीएम के क्षेत्रीय नेता सईद अली मजीद ने केरल के मलप्पुरम जिले के थेन्नेला पंचायत वार्ड से मात्र 47 वोटों के अंतर से विजयी हासिल की और अपनी जीत के जश्न में महिलाओं को लेकर अपमानजनक कमेंट किया है। आइए जानते हैं कौन हैं ये नेता और इन्होंने महिलाओं के बारे में क्या विवादित बयान दिया है।

'महिलाएं केवल पतियों के साथ सोने के लिए हैं'
सीपीएम के क्षेत्रीय नेता सईद अली मजीद ने अपने विजय भाषण के दौरान जो महिलाएं शादी के जरिए परिवारों में आती हैं, उन्हें वोट के लिए अजनबियों के सामने नहीं लाया जाना चाहिए या उन्हें राजनीतिक रूप से हराने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।" रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने यह भी कहा कि महिलाएं केवल अपने पतियों के साथ रहने या सोने के लिए ही बनी हैं।
मजीद बोले- "आप बीस लोगों को उतारेंगे तो हमारे घर में भी दो सौ लड़कियों को उतारने की क्षमता है। हमारी बेटियों की शादी पतियों के साथ रात बिताने के लिए हुई है, वोटों के लिए अनजान पुरुषों के सामने पेश करने के लिए नहीं।" इस महिला विरोधी भाषण के दौरान, वायरल वीडियो में उनके समर्थक तालियां बजाते और नारे लगाते दिखे।

'...गृहिणियों की तरह घर पर रहें'
अपने भाषण में माजिद ने महिला लीग की अध्यक्ष द्वारा जारी एक हालिया वीडियो का भी जिक्र किया। नेता ने तर्क दिया कि राजनीति में आने वालों को आलोचना का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए, क्योंकि सम्मानित धार्मिक हस्तियों की भी आलोचना होती है। उन्होंने जोर देकर कहा, "केवल वे ही राजनीति में आएं जिनमें आलोचना सुनने का साहस हो, बाकी गृहिणियों की तरह घर पर रहें।"
कौन हैं सईद अली मजीद?
माजिद ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने स्थानीय नेता हैं उन्होंने अपने विरोधी को 666 वोट पाकर हराया था। उन्होंने पहले सीपीएम के स्थानीय सचिव पद से इस्तीफा दे दिया था और स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। इस बयान ने लिंगभेद और महिलाओं के प्रति अनादर के आरोपों को और हवा दे दी। सोशल मीडिया पर महिला समूहों और राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने तीखी प्रतिक्रिया दी, यह कहते हुए कि सार्वजनिक जीवन में ऐसे बयानों के लिए कोई जगह नहीं है।
घिरे तो मांगी माफी, मजीद ने अपनी सफाई में बोली ये बात...
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) नेता ने मजीद ने अपने इस भाषण पर खेद व्यक्त किया है। उन्हें आलोचना के बाद सीपीएम नेतृत्व ने उनसे माफी मांगने को कहा, जिसके बाद उन्होंने फेसबुक पोस्ट के जरिए यह स्वीकार किया कि उनका बयान सीमा लांघ गया था। मजीद ने अपने पोस्ट में स्पष्ट किया कि क्रोध और भावुकता के कारण कोडक्कल (तेन्नाला पंचायत, वार्ड 1) में की गई उनकी टिप्पणी के शब्द अनियंत्रित हो गए।












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