रिजल्ट से पहले ही तेलंगाना में सियासी भूचाल, डीके शिवकुमार बोले, 'हमारे उम्मीदवारों को फोन मिला रहे केसीआर'
तेलंगाना सहित अन्य राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे कल आने वाले हैं। तेलंगाना में कांग्रेस की स्थित मजबूत नजर आ रही है। एग्जिट पोल में मिली बहुमत से पार्टी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है। हालांकि, पार्टी हाईकमान जीत के बाद खरीद-फरोख्त से बचने के भी उपाय करने में लगे हुए हैं। इस बीच कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि तेलंगाना के सीएम और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने कांग्रेस उम्मीदवारों से संपर्क किया है। शिवकुमार का दावा है कि उनके उम्मीदवारों ने उन्हें खुद इस बात की सुचना दी है।
डीके शिवकुमार ने कहा, "हम जानते हैं कि वे (बीआरएस) हमें फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे उम्मीदवारों ने हमें सूचित किया है कि सीएम (केसीआर) ने खुद उनसे संपर्क किया है, इसलिए हमारे पास जानकारी है।" हालांकि कांग्रेस नेता और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री ने तेलंगाना में पार्टी की जीत को लेकर भरोषा जताया है।

शिवकुमार ने कहा कि यह पार्टी का काम है इसलिए वो तेलंगाना जा रहे हैं। कर्नाटक चुनाव के दौरान तेलंगाना की पूरी टीम भी मदद के लिए आई थी। उन्होंने आगे कहा, "नतीजों के बाद देखेंगे कि क्या होगा। कोई समस्या नहीं है। कोई खतरा नहीं है। हमें विश्वास है, हमारी पार्टी आराम से जीतेगी।''
आपको बता दें, इससे पहले कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी ने दावा किया था कि उन्हें कई बीआरएस नेताओं के फोन आए हैं। उनका कहना था कि उन सभी नेताओं ने स्थिति की मांग होने पर सबसे पुरानी पार्टी (कांग्रेस) में शामिल होने की इच्छा व्यक्त की है।
न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए रेणुका ने कहा था, "वे (बीआरएस) पिछली बार हमारे 12 विधायकों को ले गए थे लेकिन इस बार उन्हें कोशिश करनी होगी कि उनके लोग हमारे पास न आएं। हमारे नेताओं को फोन आ रहे हैं, मुझे भी फोन आए कि क्या हमें उनकी मदद की जरूरत है। अगर ऐसी स्थिति है तो वे हमारे साथ जुड़ने को तैयार हैं। इसलिए उन्हें सावधान रहना होगा कि वे अपने नेताओं को न खोएं।"
अगर एग्जिट पोल के नतीजों पर भरोषा करें तो कांग्रेस बहुमत के साथ तेलंगाना में सरकार बना सकती है। वहीं, बीआरएस जीत की हैट्रिक लगाने से चूकती नजर आ रही है। सर्वे के अनुसार कांग्रेस का वोट शेयर बढ़कर 42 प्रतिशत होने की संभावना है। जबकि बीआरएस का वोट शेयर घटकर 36 प्रतिशत हो सकता है। बीजेपी को 14 प्रतिशत वोट शेयर मिलने का अनुमान है। वहीं, ओवैसी की अगुआई वाली एआईएमआईएम को 3 फीसदी और अन्य को 5 फीसदी वोट मिल सकते हैं।
तेलंगाना में 30 नवंबर को 119 विधानसभा पर वोटिंग हुई थी। चुनाव के नतीजे रविवार, 3 दिसंबर को आने हैं। एग्जिट पोल में कांग्रेस को बहुमत के साथ जीत मिलती नजर आ रही है। 2014 में आंध्र प्रदेश से अलग होकर एक स्वतंत्र राज्य बनी तेलंगाना में अब तक बीआरएस के हाथों में सत्ता थी। 2018 में, बीआरएस ने 119 में से 88 सीटें जीतीं और उसका वोट शेयर 47.4 प्रतिशत था। कांग्रेस 19 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही थी।
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