कच्चातिवु द्वीप विवाद: 'लोग तुरंत रंग बदल लेते हैं, मोदी सरकार में मछुआरे...', चिदंबरम का एस जयशंकर पर पलटवार
P Chidambaram on S Jaishankar: पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम और विदेश मंत्री एस जयशंकर कच्चातिवु द्वीप विवाद पर आमने-सामने आ गए हैं। पी चिदंबरम ने सोमवार को विदेश मंत्री की टिप्पणियों को लेकर उनकी आलोचना की।
उन्होंने एस जयशंकर पर कटाक्ष करते हुए कहा कि लोग जल्दी से रंग बदल लेते हैं। जयशंकर पर हमला करते हुए चिदंबरम ने कहा कि उनको 'सौम्य उदार विदेश सेवा अधिकारी' कहा, जो आगे चलकर आरएसएस-भाजपा के मुखपत्र के लिए 'स्मार्ट विदेश सचिव' बन गए।

कांग्रेस नेता ने स्वीकार करते हुए कहा कि पिछले 50 वर्षों में श्रीलंका में भारतीय मछुआरों को हिरासत में लिया गया था, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब बीजेपी की मोदी सरकार सत्ता में आई तब से ऐसा नहीं हुआ क्या?
वहीं, दूसरी तरफ भारत ने भी कई श्रीलंकाई मछुआरों को हिरासत में लिया है। चिदंबरम ने सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या जब अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे तब श्रीलंका ने मछुआरों को हिरासत में नहीं लिया था? क्या जब नरेंद्र मोदी सत्ता में थे तब श्रीलंका ने मछुआरों को हिरासत में नहीं लिया था?
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि पिछले 20 वर्षों में श्रीलंका ने 6184 भारतीय मछुआरों को हिरासत में लिया गया है। साथ ही 1175 भारतीय मछली पकड़ने वाली नौकाओं को जब्त कर लिया है।
बता दें कि कच्चातिवु द्वीप विवाद रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस टिप्पणी के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने 1970 के दशक में इस रणनीतिक द्वीप को श्रीलंका को सौंपने के फैसले को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला था। एस जयशंकर ने सोमवार को डीएमके और कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि दोनों पार्टियां द्वीप मुद्दे को ऐसे उठाती हैं जैसे कि उनकी इसके लिए कोई जिम्मेदारी नहीं है।
यह भी पढ़ें- 'दोहरा चरित्र बेनकाब...', कच्चातिवु द्वीप पर PM मोदी ने DMK को भी लपेटा, जवाब में स्टालिन ने भी पूछे तीखे सवाल












Click it and Unblock the Notifications