नरेंद्र मोदी का मिशन कश्मीर पूरा करेंगे कश्मीरी पंडित!
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लहर महाराष्ट्र और हरियाणा दोनों में दिखाई दी, अब यह लहर पहाड़ की हसीन वादियों का रुख कर चुकी हैं, जहां पर नरेंद्र मोदी अपना मिशन कश्मीर शुरू कर चुके हैं। खास बात यह है कि कश्मीरी पंडित इस मिशन को पूरा करने में हर संभव कोशिश करेंगे, लेकिन यह सब तभी संभव होगा जब मोदी इन कश्मीरी पंडितों की मांगें पूरी करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कश्मीर को लेकर बेहद संजीदा रहते हैं। चाहें वहां के विकास का सवाल हो या फिर विस्थापित पंडितों के पुनर्वास का। अब कश्मीरी पंडित विस्थापित युवाओं का दल उनसे मिलने जम्मू से नई दिल्ली की तरफ रथ यात्रा पर निकल पड़ा है। नौ वाहनों में सवार करीब अस्सी युवाओं का दल अमृतसर, चंडीगढ़, अंबाला रुकते हुए नई दिल्ली पहुंचेगा।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री से मिलने का आग्रह किया जाएगा और केंद्र सरकार से कश्मीरी पंडित विस्थापितों के स्थायी पुनर्वास की अपनी नीति को स्पष्ट करने की मांग भी की जाएगी।
जम्मू में प्रेस क्लब के बाहर से यूथ आल इंडिया कश्मीरी समाज के प्रधान पंडित आरके भट्ट की अगुर्वाई में रथ यात्रा शुरू की गई।
इस अवसर पर भट्ट ने कहा कि कश्मीर से करीब ढाई दशक से कश्मीरी पंडित विस्थापित दूर हैं और विस्थापन की जिंदगी अपने ही देश में बिताने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र में मोदी सरकार के आने के बाद विस्थापितों में आशा तो बंधी है लेकिन केंद्र सरकार ने अभी तक स्थायी पुनर्वास के प्रति अपनी नीति को स्पष्ट नहीं किया है।
ऐसे में ‘आखिर कब तक' के शीर्षक से रथ यात्रा को शुरू किया गया है। रथ यात्रा बीस अक्तूबर की रात्रि या 21 नवंबर को दिल्ली पहुंच जाएगी और जंतर मंतर के बाहर धरना प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए समय मांगा जाएगा और उनसे विस्थापितों के स्थायी पुनर्वास की नीति को स्पष्ट करने का आग्रह भी किया जाएगा। विस्थापित युवा अपने भविष्य को लेकर असमंजस है और आखिर कब तक रथ यात्रा निकालने को मजबूर हुए हैं।












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