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Pahalgam attack के बाद बंद किए गए ये 48 पर्यटक स्‍थल, कश्‍मीर को क्‍या होगा नुकसान?

Pahalgam attack: जम्‍मू-कश्‍मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। पहलगाम अटैक के बाद जम्‍मू-कश्‍मीर सरकार ने कश्मीर के 48 पर्यटक स्थलों को बंद कर दिया है। इस फैसले के बाद कश्‍मीर के 87 में से 48 पर्यटक स्‍थलों पर पर्यटक नहीं जा सकेंगे।

बता दें प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाने जाने वाले पहलगाम के बैसरन पर हुए आतंकी हमले के बाद पर्यटकों की सुरक्षा को ध्‍यान में रखते हुए सरकार ने 48 पर्यटक स्‍थलों को बंद करने का ये कठोर फैसला लिया है। पहलगाम हमले के बाद कश्‍मीर के पर्यटन क्षेत्र को पहले ही तगड़ा झटका लगा है। वहीं अ‍निश्चित समय के लिए कश्‍मीर के पर्यटक स्‍थलों को बंद किए जाने से कश्‍मीर के टूरिज्‍म इंडस्‍ट्री को ग्रहण लग गया है।

Pahalgam attack

कश्‍मीर में बंद किए गए ये पयर्टक स्‍थल

श्रीनगर जिले में जामिया मस्जिद, बादामवारी, राजोरी कदल होटल कनाज़, आली कदल जे जे फ़ूड रेस्तरां, आइवरी होटल, पदशापाल रिसॉर्ट्स और रेस्तरां, चेरी ट्री रिसॉर्ट (फ़कीर गुजरी), नॉर्थ क्लिफ कैफे और स्टे पैटर्न द्वारा रिट्रीट, फॉरेस्ट हिल कॉटेज, इको विलेज रिसॉर्ट (दारा), अस्तनमर्ग व्यू प्वाइंट, अस्तनमर्ग पैराग्लाइडिंग, ममनेथ और महादेव हिल्स, बौद्ध मठ, दाचीगाम - ट्राउट फार्म / मत्स्य फार्म से परे, अस्तनपोरा कायम गाह रिसॉर्ट, लछपटरी बंद कर दिए गए हैं।

बारामूला जिले में वुलर/वाटलाब, रामपोरा और राजपोरा, चेरहर, मुंडिज-हमाम-मरकूट झरना, खाम्पू, बोस्निया, विजितोप, बाबारेशी, श्रुंज झरना, कामनपोस्ट, नम्बलन झरना, इको पार्क खदनियार, गोगलदारा, हब्बा खातून प्वाइंट, रिंगावली, बदरकोट बंद किया गया है।

बडगाम जिले में युसमर्ग, तौसीमैदान, डूडपथरी पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है।

अनंतनाग जिले में सूर्य मंदिर, वेरिनाग गार्डन, सिंथन टॉप, मार्गनटॉप, अकाड पार्क बंद किए गए हैं।

कश्‍मीर के पर्यटक को लगा ग्रहण

बता दें 5 अगस्‍त 2019 को जम्‍मू-कश्‍मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद बीते कुछ वर्षों में अमन और शांति लौट आई थी। कश्‍मीर की खूबसूरत वादियों में हर साल पर्यटक अपने परिवार के साथ जाड़े और गर्मियों में छुट्टियां बिताने पहुंच रहे थे। जिससे कश्‍मीर को पर्यटन से मोटी कमाई हो रही थी और कश्‍मीर के लोगों की जिंदगी पटरी पर आ रही थी लेकिन 22 अप्रैल 2025 को पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद कश्‍मीर के पर्यटन को फिर से ग्रहण लग गया है।

2020 से 2025 तक जम्‍मू-कश्‍मीर में आए कितने पर्यटक?

  • 2020 में आए 34 लाख पर्यटक
  • 2024 में आए 2.36 करोड़ पर्यटक जिसमें 65,000 विदेशी पर्यटक शामिल थे।
  • 2025 की शुरुआत भी शानदार रही, जब सिर्फ़ 26 दिनों में श्रीनगर के ट्यूलिप गार्डन में 8.14 लाख आगंतुक आए।

90 फीसदी रद्द हुईं बुकिंग

पहलगाम हमले से ट्रैवल ऑपरेटरों को भारी नुकसान हुआ है। ट्रैवल एजेंसियों की 90% बुकिंग रद्द हो गई हैं। ऐसे ही गर्मी की छुट्टियों के लिए की गई होटल बुकिंग भी बड़े पैमाने पर पर्यटकों ने कैंसिल कर दी है।

यात्रियों की संख्‍या में आई गिरावट

श्रीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यात्रियों की संख्या में बड़ी गिरावट देखी गई है। पहलगाम हमले के बाद 23 अप्रैल 2025 को हवाई अड्डे से 112 उड़ानों के जरिए 17,653 यात्रियों ने यात्रा की, जिसमें आगमन और प्रस्थान दोनों शामिल था। एक दिन बाद 24 अप्रैल को ये आंकड़ा थोड़ा कम हो गया और 118 उड़ानों में 15,836 यात्रियों ने यात्रा आई। गिरावट का यह सिलसिला 25 और 26 अप्रैल को भी जारी रहा, जिसमें कुछ अतिरिक्त उड़ानों के जुड़ने के बावजूद हवाई अड्डे पर यात्रियों और उड़ानों की संख्या कम रही।

कश्‍मीर की रीढ़ है पर्यटन

गौरतलब है कि कश्मीर के जीएसडीपी में पर्यटन 7 से 8 प्रतिशत का योगदान देने वाला क्षेत्र है लेकिन ये सेक्‍टर पहलगाम हमले से सबसे अधिक जोखिम में है। सरकार का लक्ष्य अगले 4-5 वर्षों में जीएसडीपी में पर्यटन की हिस्सेदारी को 7% से बढ़ाकर कम से कम 15% करना है लेकिन पहलगाम हमले ने इस प्रयास को गहरा झटका दिया है।

कश्‍मीर को क्‍या होगा नुकसान?

  • पहलगाम हमले के बाद पर्यटकों की संख्‍या में आई अचानक गिरावट कश्मीर की अर्थव्यवस्था को भारी झटका दे रही है, जो अपने जीवंत पर्यटन उद्योग पर काफी हद तक निर्भर है।
  • ट्रैवल एजेंसियों, होटलों, दुकानदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। सालों की मेहनत के बाद कश्मीर की आर्थिक प्रगति स्थिर हुई है, लेकिन अब इसे झटका लग सकता है।
  • इससे न केवल अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है, कश्मीर में लोगों की आय पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा।
  • घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में गिरावट से होटल, टैक्सी सेवाएं, गाइड और स्थानीय दुकानें बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं। व्यावसायिक निवेशक सुरक्षा को लेकर सतर्क हो सकते हैं, जिससे संभावित रूप से ₹1.63 लाख करोड़ के निवेश प्रभावित हो सकते हैं।
  • जम्मू-कश्मीर वर्तमान में भारत के सकल घरेलू उत्पाद में 8% का योगदान देता है, लेकिन इस हमले से पर्यटन और निवेश में गिरावट के कारण इसका योगदान और कम हो सकता है।
  • कश्‍मीर की 2.65 लाख करोड़ रुपये के जीएसडीपी को देखते हुए पर्यटन का वार्षिक मूल्य 18,500-21,200 करोड़ रुपये के बीच होने का अनुमान है। जो कश्‍मीर की तरक्‍की का संकेत है। अब तक, जम्मू और कश्मीर की अर्थव्यवस्था ने मजबूत वृद्धि दिखाई है लेकिन अब इसे ब्रेक लग जाएगा।
  • जम्मू-कश्मीर में प्रति व्यक्ति आय, जो 2024-25 में ₹1.55 लाख तक पहुंच गई थी, जो दस वर्षों में 148% की वृद्धि को दर्शाती है। ये भी प्रभावित हो सकती है।
  • सर्विस सेक्‍टर में जो जम्मू-कश्मीर के GSVA में 61.7% का योगदान देता है और पर्यटन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, में वृद्धि में कमी देखी जा सकती है। GSVA में 18.3% का योगदान देने वाले निर्माण क्षेत्र को भी झटका लग सकता है।
  • केंद्र सरकार ने हाल ही में ₹28400 करोड़ की उद्योग योजना के तहत 971 परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिसमें अब देरी हो सकती है।
  • परिवहन और बैंकिंग से लेकर खुदरा और हस्तशिल्प तक के क्षेत्र पहले से ही तनाव में हैं और पर्यटन से जुड़े व्यवसायों के ऋण चूक बढ़ने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय बैंकों पर और दबाव बढ़ेगा।
  • कृषि और बागवानी जैसे क्षेत्र, जो मौसमी मांग पर निर्भर करते हैं, भी प्रभावित हो सकते हैं। बेरोजगारी दर, जो 2019-20 में 6.7% से घटकर 2023-24 में 6.1% हो गई थी, फिर से बढ़ सकती है, जिससे जम्मू-कश्मीर में स्टार्ट-अप इकोसिस्टम पर संभावित रूप से असर पड़ सकता है।
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