‘विदेश में मेरे पास सिर्फ एक खाता व संपत्ति, विदेश जाने की अनुमति दें’
नई दिल्ली। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ती चिदंबरम ने अपने उपर लगे तमाम आरोपों को सिरे से खारिज किया है, उन्होंने सीबीआई के दावे को खारिज करते हुए कहा कि मेरे पास विदेश में 25 बैंक खाते नहीं हैं और ना ही विदेश में संपत्ति है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में कार्ती ने बताया कि विदेश में उनके पास सिर्फ एक संपत्ति है जिसे ट्रांसफर ऑफ फंड के जरिए खरीदा गया था और यह आरबीआई की एलआरएस स्कीम के तहत खरीदी गई थी।

नियमों का किया पालन
कार्ती चिदंबरम ने कहा कि उन्होंने जो भी संपत्ति खरीदी है वह नियमों के अनुसार ही खरीदी गई है और इसकी जानकारी उनके अकाउंट में दर्ज है, साथ ही उन्होंने अपनी सारी संपत्ति की जानकारी दी है, यही नहीं उन्होंने अपनी तमाम संपत्ति की जानकारी यहां तक की इंकम टैक्स की भी जानकारी पहले ही दी है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के पास विदेश में से सिर्फ एक संपत्ति है, जिसे आरबीआई की एलआरएस स्कीम के तहत नियमों का पालन करेत हुए खरीदा गया है। उन्होंने कहा कि मेरे परिवार के पास इसके अलावा विदेश में कोई संपत्ति नहीं है।

विदेश जाने की मांगी अनुमति
विदेश जाने पर कार्ती चिदंबरम पर लगी रोक पर भी उन्होंने कोर्ट से इसकी इजाजत मांगी है कि उन्हें 19 अक्टूबर से 13 नवंबर के बीच यूके जाने की इजाजत दी जाएगा क्योंकि उन्हें अपनी बेटी का कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में दाखिला कराना है। कार्ती ने बताया कि यूके में उनका सिर्फ एक बैंक खाता है, यह खाता मेट्रो बैंक में है, जिसे 1 जून 2016 को खुलवाया गया था।

मेरे खिलाफ राजनीतिक साजिश
कार्ती ने आरोप लगाया है कि राजनीतिक साजिश के तहत मुझपर निशाना साधा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो जिन खातों का जिक्र सीबीआई ने किया है वह पहले से ही निष्क्रिय हैं, ऐसे में सीबीआई ने जो आरोप लगाए हैं वह बेबुनियाद हैं, ऐसा सिर्फ मेरी छवि को खराब करने के लिए किया गया है। मामले की अगली सुनवाई आज होगी।
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