भारत ने पाकिस्तान की लगाई फटकार, कहा- करतारपुर एक धार्मिक मुद्दा था ना कि बातचीत का
नई दिल्ली। करतारपुर कॉरिडोर खुलने के बाद पाकिस्तान की ओर से ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि, इस कदम से भारत और पाकिस्तान के बीच फिर से बातचीत शुरू हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक, करतारपुर एक सांस्कृतिक और धार्मिक मुद्दा था, यह कभी भी किसी तरह की बातचीत की बहाली के लिए नहीं था। पीएम और विदेश मंत्री दोनों पद इमरान खान के पास होने के बावजूद वे भारत के खिलाफ आतंकवाद रोकने की उनकी असमर्थता आगे नहीं बढ़ सकी।

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि, भारत की दोनों देशों के बीच बातचीत पर अभी भी स्थिति समान है। आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं की जा सकती है। पाकिस्तान के नेताओं द्वारा 'शतरंज की चाल' और 'गुगली' जैसे बयानों ने उनके इरादे जाहिर कर दिए है।
उधर पाकिस्तान ने पूरे साल में भारत के संबंधों पर चर्चा करते हुए करतारपुर कॉरिडोर को इमरान खान सरकार के लिए कूटनीति का सबसे बड़ा दाव बताया और स्वीकार किया कि भारत के साथ विवादास्पद मुद्दों पर कोई प्रगति नहीं हुई है।
वहीं हाल ही में ऐसी खबरें सामने आईं थी कि, भारत सरकार पड़ोसी देश मालदीव में सैन्य अड्डा बनाने जा रहा है, लेकिन गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने इस घटना का खंडन करते हुए कहा है कि, भारत ने मालदीव में कोई भी मिलिट्री बेस बनाने का आग्रह नहीं किया है। सूत्रों के मुताबिक भारत सरकार ने इस तरह की खबरों को गलत बताया है। सरकार ने कहा है कि वह मालदीव को सिर्फ वित्तीय सहयता दे रहा है। ना कि कोई व्यापार कर रहा है।












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