'सास का सिर काटा, लाश के 19 टुकड़े किए, फिर यूं फेंका', डॉक्टर दामाद का रूह कंपाने वाला कांड! जानें वजह?
Doctor kills Mother in Law: कर्नाटक के तुमकुरु में एक दिल दहलाने वाला हत्याकांड सामने आया है, जहां दंत चिकित्सक दामाद ने अपनी सास की बेरहमी से हत्या कर दी। उसके बाद शव के 19 टुकड़े किए और उन्हें प्लास्टिक की थैलियों में ठूंसकर सड़क किनारे फेंक दिया।
कोराटागेरे पुलिस ने इस खौफनाक मामले का पर्दाफाश करते हुए डॉ. रामचंद्रप्पा एस और उसके दो साथियों सतीश केएन और किरण केएस को गिरफ्तार किया है। इस खबर ने लोगों को झकझोर दिया है। आइए, जानते हैं सिलसिलेवार पूरी घटना...

Doctor Damad Chopped Saas: सड़क किनारे मिला सास सिर और टुकड़े
7 अगस्त 2025 को कोराटागेरे के कोलाला गांव में राहगीरों ने सड़क किनारे सात प्लास्टिक की थैलियां देखीं, जिनमें से एक में महिला का कटा हुआ सिर और बाकी में शव के सड़े हुए टुकड़े थे। खबर मिलते ही कोराटागेरे पुलिस हरकत में आई और 8 अगस्त को उसी इलाके से सात और थैलियां बरामद कीं, जिनमें शव के बाकी हिस्से थे।
पुलिस ने सिर के आधार पर मृतका की पहचान लक्ष्मी देवी (42) के रूप में की। जांच में पता चला कि लक्ष्मी की बेरहमी से हत्या की गई थी, और उनके शव को 19 टुकड़ों में काटकर प्लास्टिक बैग्स में ठूंसा गया था।
Why Damad Kills Saas: हत्यारा दामाद: संदेह ने बनाया कातिल
पुलिस अधीक्षक अशोक केवी ने एक विशेष जांच टीम गठित की, जिसने 48 घंटों में इस मामले का खुलासा कर दिया। डॉ. रामचंद्रप्पा एस, जो लक्ष्मी देवी का दामाद था, और उसके दो साथियों सतीश केएन और किरण केएस को तुमकुरु से गिरफ्तार किया गया।
11 अगस्त 2025 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में अशोक ने बताया, 'पूछताछ में रामचंद्रप्पा ने कबूल किया कि उसने लक्ष्मी देवी की हत्या की। उसने सबूत मिटाने के लिए शव को 19 टुकड़ों में काटा, प्लास्टिक कवर में पैक किया, और विभिन्न जगहों पर फेंक दिया।' रामचंद्रप्पा को अपनी सास के चरित्र पर संदेह था, जिसके चलते उसने यह खौफनाक कदम उठाया।
कैसे किए सास के टुकड़े?
पुलिस के मुताबिक, रामचंद्रप्पा ने सतीश और किरण के साथ मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया। लक्ष्मी देवी को पहले गला घोंटकर मारा गया, फिर उनके शव को चाकू और आरी से टुकड़ों में काटा गया। टुकड़ों को 14 प्लास्टिक बैग्स में भरकर कोलाला गांव के सुनसान इलाकों में फेंका गया।
पुलिस ने घटनास्थल से खून से सने कपड़े, चाकू, और प्लास्टिक बैग्स बरामद किए। फॉरेंसिक टीम ने शव के टुकड़ों की जांच शुरू की, और सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया गया।
Who Was Laxmi Devi: लक्ष्मी देवी कौन थीं?
लक्ष्मी देवी (42) कोलाला गांव की रहने वाली थीं। उनके परिवार ने बताया कि वह एक सामान्य गृहिणी थीं, और रामचंद्रप्पा से उनका पारिवारिक विवाद चल रहा था। संदेह और शर्मिंदगी ने रामचंद्रप्पा को इस हद तक ले गया कि उसने अपनी ही सास को मौत के घाट उतार दिया।
कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (BNS) की धाराओं 302 (हत्या), 201 (सबूत मिटाने), और 34 (साझा मंशा) के तहत मामला दर्ज किया है। रामचंद्रप्पा और उसके साथियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। फॉरेंसिक जांच और गवाहों के बयान से मामले को और मजबूत किया जा रहा है।
क्या होगा आगे?
पुलिस अब रामचंद्रप्पा के पिछले रिकॉर्ड और विवादों की जांच कर रही है। क्या यह हत्या पूर्व नियोजित थी, या आवेग में हुई? यह फॉरेंसिक जांच और अदालती कार्यवाही से साफ होगा।
आप क्या सोचते हैं? क्या पारिवारिक विवादों को हिंसा तक पहुंचने से रोका जा सकता है? और इस क्रूर हत्याकांड के लिए सजा क्या होनी चाहिए? कमेंट्स में अपनी राय शेयर करें!
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