बुजुर्ग दंपत्ति ने साइबर धोखाधड़ी में 50 लाख रुपये गंवाने के बाद की आत्महत्या, जानिए साइबर क्राइम से कैसे बचें
Karnataka News: कर्नाटक के बेलगावी जिले से बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जहां बुजुर्ग दंपत्ति ने साइबर धोखाधड़ी में 50 लाख की मोटी रकम गवाने के बाद आत्महत्या कर ली। इनका कोई संतान नहीं है। दोनों मृतक खानपुर के एक गांव के निवासी थे।
न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के अनुसार, बुजुर्ग पुरूष सेवानिवृत्त राज्य सरकार के कर्मचारी थे। उन्होंने नोट में दो व्यक्तियों का नाम लिया- सुमित बिर्रा और अनिल यादव। उसने आरोप लगाया कि खुद को नई दिल्ली का दूरसंचार विभाग का अधिकारी बताने वाले सुमित बिर्रा ने उसे बताया कि उसके नाम पर धोखाधड़ी से एक सिम कार्ड खरीदा गया है और उसका इस्तेमाल उत्पीड़न और अवैध विज्ञापनों के लिए किया जा रहा है।

PTI के अनुसार उसके बाद उसने कॉल यादव नाम के एक व्यक्ति को ट्रांसफर कर दी। उस व्यक्ति ने दावा किया कि कि वह क्राइम ब्रांच से है। कानूनी नतीजों की धमकी देते हुए यादव ने उस व्यक्ति की संपत्ति और वित्तीय विवरण मांगा।
पुलिस ने बताया कि बुजुर्ग दंपति इस धोखाधड़ी का शिकार हो गए और उन्होंने 50 लाख से ज़्यादा रुपए ट्रांसफर कर दिए। ये दोनों व्यक्ति डिजिटल ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड का हवाला देते हुए और भी ज़्यादा पैसे मांगते रहे। बेलगावी के पुलिस अधीक्षक भीमाशंकर गुलेड़ ने बताया कि मृतक द्वारा लिखे गए नोट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पीटीआई के अनुसार, गुलेड़ ने कहा, "मृत्यु नोट और प्रारंभिक जांच के आधार पर, हमने नोट में नामित दो आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और साइबर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आगे की जांच जारी है।"
PTI के अनुसार उस व्यक्ति ने नोट में लिखा, "अब मैं 82 साल का हूँ और मेरी पत्नी 79 साल की है। हमारा भरण-पोषण करने वाला कोई नहीं है।" "हम किसी की दया पर नहीं जीना चाहते, इसलिए हमने यह निर्णय लिया है।" साथ ही उसने यह भी इच्छा व्यक्त की कि छात्रों के अध्ययन के लिए उनके शरीर को एक चिकित्सा संस्थान को दान कर दिया जाए
साइबर धोखाधड़ी क्या है?
साइबर धोखाधड़ी (Cyber Fraud) एक प्रकार का ऑनलाइन अपराध है जिसमें धोखेबाज डिजिटल माध्यमों का उपयोग करके लोगों को आर्थिक, व्यक्तिगत या संवेदनशील जानकारी से संबंधित नुकसान पहुंचाते हैं। यह धोखाधड़ी इंटरनेट, मोबाइल ऐप, सोशल मीडिया, ईमेल और अन्य डिजिटल प्लेटफार्मों के माध्यम से की जाती है।
साइबर धोखाधड़ी से बचाव के उपाय:
- किसी भी संदिग्ध लिंक, ईमेल या मैसेज पर क्लिक न करें।
- मजबूत पासवर्ड बनाएं और समय-समय पर बदलते रहें।
- अनजान व्यक्तियों को बैंक या व्यक्तिगत जानकारी न दें।
- एंटी-वायरस सॉफ़्टवेयर और फ़ायरवॉल का उपयोग करें।
- केवल आधिकारिक और सुरक्षित वेबसाइटों से खरीदारी करें।
- साइबर अपराध की शिकायत Cyber Crime Portal या लोकल पुलिस में करें।
अगर आपको तुरंत सहायता चाहिए तो 1930 पर कॉल करें और अपनी बैंक को सूचित करें ताकि आर्थिक नुकसान से बचा जा सके। अपने नजदीकी साइबर सेल पुलिस स्टेशन में जाकर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
मदद बस एक कॉल दूर
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