हंगामे के बाद कर्नाटक कांग्रेस सरकार ने मंदिरों के विकास कार्यो पर लगाई रोक का आदेश लिया वापस, दी सफाई
Karnataka Temple Fund: कर्नाटक की कांग्रेस सरकार को मंदिरों के विकास कार्यो के लिए पैसा देने पर रोक लगाने के आदेश को हंगामे के बाद वापस लेना पड़ा है। 18 अगस्त को कर्नाटक के मुजराई विभाग ने आदेश दिया था और राज्य सरकार के स्वामित्व वाले मंदिरो के विकास कर्यो के लिए धनराशि देने पर रोक लगा दी थी।

जिसके बाद कर्नाटक की प्रमुख विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस सरकार पर हमला बोल दिया था। राज्य के हिंदू संगठनों ने कांग्रेस सरकार के इस आदेश को जहां हिंदू विरोधी बताया था वहीं भाजपा प्रदेश भर में विरोध-प्रदर्शन की चेतावनी दे डाली थी।
वहीं मई विधानसभा चुनाव में सत्ता हासिल करने वाली कांग्रेस की लोकसभा चुनाव 2024 से पहले इस मुद्दे को दम पर कहीं राज्य में हिंदू विरोधी छवि बनाने में भाजपा कामयाब ना हो जाए इस डर से प्रदेश सरकार ने हंगामे के तुरंत बाद ही अपना ये आदेश वापस ले लिया।
इतना ही नहीं मुजराई मंत्री आर रामलिंगा रेड्डी ने इस पर सफाई भी है। रेड्डी ने कहा हमने आयुक्त को मंदिरों के अनुदान को रोकने वाले आदेश को वापस लेने का निर्देश दिया है।
रेड्डी ने सफाई देते हुए कहा हमारी सरकार का कभी भी मंदिरों के विकास कार्यो को रोकने का कतई कोई इरादा नहीं था, हमरी सरकार केवल मंदिरों में चल रहे विकास कार्यों की बस एक रिपोर्ट मांगी थी।
हालांकि आपको बता दें टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार मंत्री मुजराई विभाग के मंत्री रेड्डी ने 30 अगस्त को पिछली भाजपा की बोम्मई सरकार में मंदिरों के विकास कार्य के लिए मंजूर की गई धनराशि और अब तक जारी पैसे और प्रोजेक्ट की हालिया स्थिति की डिटेल रिपोर्ट मांगी थी।












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