Karnataka: मंत्री जमीर खान ने कुमारस्वामी पर नस्लवादी बयान पर मांगी माफी, कहा-'भावनाएं आहत करना मकसद नहीं'
Karnataka News: कर्नाटक के कैबिनेट मंत्री जमीर अहमद खान ने हाल ही में एक सार्वजनिक रैली में पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के रंग के बारे में की गई टिप्पणी के कारण विवाद को जन्म दिया। इस टिप्पणी को कई लोगों ने नस्लीय मानकर इसकी निंदा की। जिससे जमीर खान को माफी मांगनी पड़ी। खान ने यह टिप्पणी चन्नपट में एक चुनावी सभा के दौरान की। जहां उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के नेता सीपी योगेश्वर की राजनीतिक यात्रा पर बात करते हुए कुमारस्वामी के रंग का संदर्भ दिया।
कैबिनेट मंत्री की जमीर खान की माफी और स्पष्टीकरण
जमीर खान ने अपने बयान पर माफी मांगते हुए कहा कि उनकी इस टिप्पणी का उद्देश्य अपमान करना नहीं था। बल्कि यह उनके और कुमारस्वामी के बीच पुरानी दोस्ती का एक मजाक था। उन्होंने कहा कि हमेशा से कुमारस्वामी मुझे छोटा कहकर चिढ़ाते थे और मैं उन्हें काला कहकर। यह हमारे बीच हंसी-मजाक का हिस्सा था। जिसमें कोई बुरी भावना नहीं थी। खान ने दोहराया कि अगर उनके शब्दों से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह माफी मांगते हैं।

विपक्षी नेताओं ने की कड़ी निंदा
इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक क्षेत्र में कई नेताओं ने इसकी कड़ी निंदा की। विपक्षी दलों ने इसे अनुचित और असंवेदनशील बताया। जिससे चुनाव के दौरान इसका असर बढ़ सकता है। हालांकि यह पहली बार नहीं है। जब खान ने ऐसी टिप्पणी की है। उन्होंने पहले भी 2019 में बीदर में इसी तरह का बयान दिया था। जहां उन्होंने खुद को छोटा और कुमारस्वामी को काला कहकर संबोधित किया था।
राजनीतिक हलकों में चर्चा और प्रभाव
कैबिनेट मंत्री जमीर खान की टिप्पणी ने व्यक्तिगत और राजनीतिक जीवन के बीच की सीमाओं को सामने लाया है। जहां सार्वजनिक मंच पर दिए गए निजी मजाक को अक्सर अनुचित माना जा सकता है। इस घटना से राजनीतिक वातावरण में व्यक्तिगत रिश्तों और बयानों के प्रति संवेदनशीलता की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
कर्नाटक में होने वाले आगामी चुनावों के मद्देनज़र जमीर खान की इस टिप्पणी के संभावित राजनीतिक प्रभाव को देखते हुए यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है।












Click it and Unblock the Notifications