मणिपुर हिंसा पर हो रही राजनीति के बीच कर्नाटक मंत्री की सराहनीय पहल, 29 लड़कियों को पढ़ाने की ली जिम्मेदारी
मणिपुर मई महीने की शुरूआत से हिंसा की आग में जल रहा है। यहां के दो समुदाय के विवाद के चलते शुरू हुई हिंसा पर अब जमकर .राजनीति शुरू हो चुकी है।
मणिपुर हिंसा को लेकर विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. मोदी सरकार पर लगातार हमले कर रहा है और राष्ट्रपति से मिलकर इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग कर रहा है, वहीं इस सबके बीच कर्नाटक के मंत्री ने अपने जन्मदिन पर सराहनीय पहल करते हुए मणिपुर की 29 लड़कियों की शिक्षा समेत अन्य खर्चे वहन करने की पहल की है।

कर्नाटक के मंत्री ने अपने जन्मदिन पर ये नेक काम करने का ऐलान किया है। नेक पहल करने वाले ये कर्नाटक के आवास और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बीजेड ज़मीर अहमद खान हैं। मंत्री ने जिन छात्राओं को पढ़ाने की जिम्मेदारी ली है वो हिंसा प्रभावित मणिपुर से हैं और प्रदेश की राजधानी में शरण लेने पहुंची हैं।
29 मणिपुर लड़कियों की शिक्षा और कल्याण की जिम्मेदारी लेने वाले मंत्री बीजेड ज़मीर अहमद खान ने अपने 57वां जन्मदिन उन छात्राओं के साथ बिताया। ये वो मणिपुर से बेंगलुरू आईं 'विस्थापित' लड़कियां हैं जिन्हें 2 लाख की वित्तीय मदद की भी घोषणा की। लड़कियां मंत्री के निर्वाचन क्षेत्र चामराजपेट में सेंट टेरेसा शैक्षणिक संस्थानों में रह रही हैं।
मंत्री जमीर अहमद खान ने छात्रों से बातचीत की और मणिपुर में मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी एकत्र की। विस्थापित छात्रों ने बताया कि वे अपने गृह राज्य में खतरनाक स्थिति को देखते हुए बेंगलुरु आश्रय लेने आई हैं। सेंट टेरेसा शिक्षा संस्थानों में आश्रय के लिए पहुंची इन छात्राओं को अपनी शिक्षा पूरी करने के लिए कम से कम सात साल तक यहां रहना होगा। मंत्री ने पूरी अवधि के लिए शिक्षा और उनके कल्याण की लागत वहन करने का वादा किया है।












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