कर्नाटक पर बोलीं मलाला- हिजाब पहनी लड़कियों को कॉलेज में एंट्री ना देने का फैसला भयावह
नई दिल्ली, 8 फरवरी: नोबेल शांति पुरस्कार विजेता एक्टिविस्ट मलाला यूसुफजई ने कर्नाटक के कई स्कूल-कॉलेजों में छात्राओं को हिजाब पहनकर आने से रोके जाने पर चिंता जताई है। उन्होंने इस पर ट्वीट करते हुए कहा है कि इस तरह से हिजाब या पढ़ाई में से एक चुनने के लिए कह देना भयावह है। इस पर भारत की सरकार और राजनेताओं से दखल की मांग भी मलाला ने की है।
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मलाला ने ट्विटर पर कर्नाटक के हिजाब विवाद से जुड़ी एक स्टोरी को शेयर करते हुए लिखा है- छात्राएं कह रही हैं कि कॉलेज हमें पढ़ाई और हिजाब के बीच चयन करने के लिए मजबूर कर रहा है। लड़कियों को हिजाब में स्कूल जाने से मना किया जाना भयावह है। महिलाओं को कपड़ों को लेकर अक्सर ही परेशानी का सामना करना पड़ता है। भारत के नेताओं को मुस्लिम महिलाओं के हाशिए पर जाने को रोकने के लिए आने आना चाहिए। बता दें कि 25 साल की मलाला यूसुफजई पाकिस्तान के स्वात से आती हैं। लड़कियों की पढ़ाई के लिए लिखने को लेकर 2012 में तालिबान लड़ाकों ने उनको गोली मार दी थी। इसके बाद वो इंग्लैंड मे ही रह रही है।

क्या है कर्नाटक ये विवाद
कर्नाटक के उडुपी और कुछ दूसरे शहरों में छात्राओं को हिजाब पहनने की वजह से कक्षा में बैठने से रोका गया है। जिसके बाद कई जगहों पर छात्राओं ने प्रदर्शन किए हैं। इस पर भगवा गमछा डालकर जयश्रीराम के नारे लगाती भीड़ ने इन छात्राओं को घेरने की कोशिश भी है। जिससे ये मामला ना सिर्फ कर्नाटक बल्कि देशभर में चर्चा में है। खासतौर से मंगललवार को एक छात्रा का वीडियो सामने आया है। वायरल वीडियो में हिजाब पहने लड़की को स्कूल परिसर में सैकड़ों लड़कों की भीड़ घेरकर नारे लगा रही है। इस वीडियो पर दुनियाभर से रिएक्शन आए हैं।
इस मामले को लेकर उडुपी की एक छात्रा रेशमा ने कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की है। याचिका में उन्होंने हिजाब पहनकर कक्षा में जाने की इजाजत मांगी है। कोर्ट इस पर सुनवाई कर रहा है। मंगलवार को इस पर सुनवाई हुई है, बुधवार को फिर से कोर्ट सुनवाई करेगा।












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