Karnataka Elections Bajrang Dal: क्या मामा और कुमारस्वामी एक सुर में? कांग्रेस को घेरने की तैयारी में BJP-JDS!

Karnataka Elections Bajrang Dal से जुड़ी घोषणा के कारण खास तौर पर चर्चा में है। मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कांग्रेस को लेकर रोचक प्रतिक्रिया दी है। जानिए इसके सियासी मायने

Karnataka Elections Bajrang Dal

Karnataka Elections 2023 में भाजपा को कांग्रेस से कड़ी टक्कर मिल रही है। बजरंग दल पर बैन की घोषणा करने वाली कांग्रेस चौतरफा आलोचना का शिकार हो रही है। भाजपा के अलावा कर्नाटक में कभी कांग्रेस के साथ रही JDS भी आलोचना के तेवर दिखा रही है।

क्यों विरोध करती है कांग्रेस

खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनावी रैली में वोटिंग के दौरान बजरंग बली का जयकारा लगाने की बात कह चुके हैं। उन्होंने कहा, पीएम को गाली देकर कांग्रेस वोट बटोरना चाहती है। उन्होंने जनता से गाली का जवाब जय बजरंगबली के जयकारे से देने की अपील की।

बजरंगदल बैन चुनावी मुद्दा!

पीएम के रूख से साफ है कि भाजपा आलाकमान और कार्यकर्ता, बजरंग दल बैन को चुनावी मुद्दा बनाने की ताक में हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है।

बजरंग दल एक राष्ट्रवादी संगठन

शिवराज सिंह चौहान ने कहा, बजरंग दल एक राष्ट्रवादी संगठन है जो आतंकवाद, लव जिहाद का विरोध करता है और समाज सेवा में विश्वास करता है। उन्होंने कहा, कांग्रेस हमेशा हिंदुत्व का विरोध करती है।

बीजेपी का दावा- कांग्रेस बेनकाब हुई

कांग्रेस की आलोचना करते हुए सीएम शिवराज ने कहा, राष्ट्रवादी संगठन बजरंग दल की तुलना आतंकवादी संगठन पीएफआई से की जा रही है। यह वही कांग्रेस है जिसने राम मंदिर निर्माण का विरोध किया था और राम सेतु को काल्पनिक बताया था। कांग्रेस पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है।

कांग्रेस ने प्रतिबंधित क्यों नहीं किया

बीजेपी की तरह ही कांग्रेस को JDS के आक्रामक तेवर का भी सामना करना पड़ रहा है। कर्नाटक में कांग्रेस के सहयोग के साथ एक साल सरकार चला चुके मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा, जब कांग्रेस सरकार ने 5 साल शासन किया, तो उन्होंने इसे प्रतिबंधित क्यों नहीं किया?

कौन सी संस्कृति बदलना चाहते हैं कुमारस्वामी

चुनावी घोषणापत्र में बजरंगदल पर बैन की बात पर कुमारस्वामी ने कहा, यह सब बातें महत्वपूर्ण नहीं हैं। अब वे इस मुद्दे को क्यों उठा रहे हैं? हमें उन संगठनों की संस्कृति को बदलना होगा।

कर्नाटक में हनुमा चालीसा पाठ

कुमारस्वामी ने कहा, हमें बजरंगदल जैसे संगठनों को यह सिखाना होगा कि सार्वजनिक जीवन में कैसे व्यवहार करना है। यह महत्वपूर्ण है। बता दें कि कांग्रेस की घोषणा के खिलाफ बीजेपी कर्नाटक में हनुमान चालीसा पाठ करेगी।

चुनाव से पहले धार्मिक मुद्दों पर जोर

बजरंग दल की तरफ से भी हनुमान चालीसा पाठ की बात हो रही है। कर्नाटक में 10 मई को वोटिंग से पहले धार्मिक मुद्दे उठाए जा रहे हैं। ऐसे में 13 मई को चुनावी नतीजों से चंद दिन पहले बीजेपी-जेडीएस के तेवर बेहद दिलचस्प हैं, इसमें कोई दो राय नहीं।

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