कर्नाटक: कांग्रेस के आंतरिक सर्वे में आई बुरी खबर, हार सकती है 30 सीटें
बेंगलुरु। कांग्रेस के लिए कर्नाटक से बुरी खबर है। एक आंतरिक सर्वे से पता चला है कि कांग्रेस को आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 30 सीटों का नुकसान हो सकता है। कांग्रेस ने चुनाव से पहले दो सर्वे कराए हैं। सर्वे की रिपोर्ट फिलहाल कांग्रेस हाईकमान के पास है और इस बात पर चर्चा की जा रही है कि जिन 30 सीटों पर कांग्रेस को खतरा है, क्या वहां प्रत्याशियों को बदला जाए या नहीं। सूत्रों की मानें तो इन सभी सीटों पर पार्टी प्रत्याशी बदलेगी। सर्वे की रिपोर्ट सामने आने के बाद कांग्रेस हाईकमान और राज्य की इकाई में एक नई बहस छिड़ गई है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री, सिद्धारमैया ने इस मसले पर कहा कि कि जीतने योग्यता केवल एकमात्र मानदंड है। उनका तर्क है कि हाईकमान द्वारा सुझाए गए ताजा चेहरे चुनाव जीत सकते हैं या नहीं, इसलिए इस तरह के जोखिम को नहीं लिया जाना चाहिए। कांग्रेस 28 मार्च और 2 9 मार्च को उम्मीदवारों पर अंतिम फैसला लेने के लिए एक बैठक आयोजित करेगी। अभी तक मधुसूदन मिस्त्री की अध्यक्षता वाली स्क्रीनिंग समिति ने उन क्षेत्रों का विश्लेषण किया है, जिसमें कांग्रेस 2013 में हार गई थी।

गौरतलब है कि साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए कर्नाटक में जीतना जरूरी होगा। बता दें कि बीते दिनों कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दो दिवसीय कर्नाटक दौरे पर थे। इस दौरान एक सभा में राहुल ने कहा था कि पीएम मोदी को जयशाह और येदुरप्पा की संपत्ति में भ्रष्टाचार नहीं दिखता। राहुल ने पीएम मोदी से सवाल करते हुए कहा कि PM ये बताएं कि उन्होंने राफेल डील अपने दोस्त को क्यों दी?। राहुल गांधी ने डोकलाम के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। राहुल ने कहा कि चीन डोकलाम में एयरपोर्ट बना रहा है, वहीं पीएम मोदी चुप हैं।
भ्रष्टाचार पर बात करते हुए भी राहुल ने पीएम मोदी पर निशाना साधा। राहुल ने कहा कि पीएम मोदी हमेशा भ्रष्टाचार के खिलाफ बात करेत हैं लेकिन दूसरी तरफ बड़े-बड़े लीडर्स के साथ उठते-बैठते हैं। पीएम मोदी के साथ वो लीडर्स होते हैं जो भ्रष्टाचार के मामले में जेल तक जा चुके हैं।
राहुल ने कहा कि चिकमंगलूर के लोगों ने सन् 1978 में मेरी दादी का बहुत सपोर्ट किया था, आप लोगों ने तब उनका सपोर्ट किया था जब उन्हें सहारे कि सबसे ज्यादा जरूरत थी। और ये बात मैं कभी नहीं भूल सकता। जब भी आप लोगों को मेरी जरूरत होगी मैं आपके पास हाजिर होऊंगा। बता दें कि इंदिरा गांधी 1977 में इमरजेंसी के बाद 1978 के लोकसभा चुनाव में चिकमंगलूर से ही चुनकर लोकसभा पहुंची थीं।












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