कर्नाटक में बागी फैक्टर: चुनाव में कितने दलबदलू, पार्टी छोड़ने के बाद जीते या हारे? जानिए
कर्नाटक में कांग्रेस के खाते में 136 सीटें आ रही हैं। जबकी भाजपा को 65 सीटों पर जीत हासिल हो रही है। इस बागी चुनाव में कुल 41 बागी कैडिडेट थे अपना दल छोड़कर दूसरे दल या फिर निर्दलीय रूप से मैदान में रहे।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में इस बार टिकट बंटवारे के बाद निराश कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के कई नेता बागी हुए। उनकी नाराजगी सिर्फ पार्टी छोड़ने तक ही सीमित नहीं बल्कि बागवत बाद उन्होंने खुद चुनाव मैदान में ताल ठोंकी। बागी उम्मीदवारों की संख्या की बात करें तो इस मायने में पहले नंबर पर कांग्रेस रही। पार्टी से कुल 23 कार्यकर्ता बागी हुए। जबकि चुनाव के दौरान 18 भाजपा नेताओं ने पार्टी को अलविदा कहा।
भाजपा, कांग्रेस या फिर जेडीएस के बागी नेताओं की जीत की तुलना करें तो सबसे आगे कांग्रेस के बागी रहे। बागी नेताओं के प्रदर्शन की बात करें तो कांग्रेस के बागियों का स्ट्राइक रेट 69.6 प्रतिशत रहा। जबकि भाजपा से बागी हुए उम्मीदवारों ने 5.6 बेहतर प्रदर्शन किया।
चुनाव से पहले भाजपा के कई लोगों ने पार्टी द्वारा टिकट से वंचित किए जाने के बाद पार्टी छोड़ दी। पार्टी छोड़ने वाले कुछ प्रमुख नेताओं में जगदीश शेट्टार और लक्ष्मण सावदी थे। भाजपा से 18 दलबदलू थे, जबकि कांग्रेस ने ऐसे 23 उम्मीदवार उतारे थे। पूर्व सीएम जगदीश शेट्टार, पूर्व डिप्टी सीएम लक्ष्मण सावदी, के. अंगारा, आर शंकर, एमपी कुमार स्वामी सहित कई एमएलसी ने पार्टी छोड़ दी। इनमें से कई नेताओं ने कांग्रेस तो कुछ ने जेडीएस जॉइन कर ली। शेट्टार को कांग्रेस ने हुबली सेंट्रल विधानसभा से टिकट दिया था। शेट्टार के अलावा बीजेपी से आए लक्ष्मण सवादी को भी कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बनाया।
जगदीश शेट्टार को बगावत महंगी
बीजेपी से कांग्रेस में शामिल हुए जगदीश शेट्टार हुबली धारवाड़ सेंट्रल सीट से हार गए। शेट्टार बीजेपी से टिकट कटने पर इस बार कांग्रेस के टिक पर मैदान में थे, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। दरअसल जगदीश शेट्टार हुबली-धारवाड़ सेंट्रल से 6 बार विधायक रह चुके हैं। लेकिन जब भाजपा ने इस बार उनका टिकट यहां से काट दिया तो वे नाराज हो गए और कांग्रेस जॉइन कर ली। बीजेपी ने इस सीट से महेश तेंगिनाकाई को टिकट दिया था। शेट्टार के अलावा भाजपा के बागियों की लिस्ट में इस बार पूर्व डिप्टी सीएम लक्ष्मण सावदी का भी नाम जुड़ा।
पुत्तूर में संघ से बगावत का BJP को नुकसान
पुत्तूर में संघ से बगावत का भजपा को सीधा नुकसान हुआ। यहां संघ से बागी हुईं जिला पंचायत अध्यक्ष आशा के चुनाव लड़ने के बीजेपी पर असर हुआ। दरअसल, दक्षिण कन्नड़ के पुत्तूर जिले पर संघ हमेशा से अच्छा प्रभाव रहा है। रिपोर्ट्स मुताबिक, संघ के लोग भी दक्षिण कन्नड़ जिला पंचायत अध्यक्ष आशा को सीट मिलने से खुश नहीं थे।
BJP में बगावत का कांग्रेस का सीधा फायदा
भाजपा और संघ परिवार के लोगों ने बहुत कोशिश की थी कि आशा पुथिला से नॉमिनेशन वापस ले लें। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। वहीं निर्दलीय प्रत्याशी और संघ नेता अरुण कुमार को पुत्तूर विधानसभा में 36.15 फीसदी वोट शेयर मिला। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी ने 66607 वोट पाकर जीत हासिल की।
-
Sanjay Bhatia from BJP and Karamvir Singh Boudh from Congress Elected to Rajya Sabha -
Kerala Election 2026: BJP की पहली लिस्ट जारी, नेमोम से मैदान में राजीव चंद्रशेखर, 47 उम्मीदवारों की लिस्ट -
क्रॉस वोटिंग के लिए 5 करोड़ का ऑफर! राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने BJP पर लगाए खरीद-फरोख्त के आरोप -
भाजपा के तरुण चुघ ने पार्टी कार्यकर्ताओं को 2027 के उत्तराखंड चुनावों के लिए बूथ रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित किया। -
पश्चिम बंगाल: रैली से पहले टीएमसी-भाजपा झड़प में आठ लोग घायल, चार गिरफ्तार -
कुलदीप-वंशिका की शादी में परोसी गई स्पेशल थाली, जानिए कीमत और मेन्यू भी, हरीश रावत ने खास अंदाज में दी बधाई -
विधानसभा चुनाव 2027: BJP का उत्तराखंड में मिशन हैट्रिक, राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने बताया जीत का मूल मंत्र -
MP Satish Gautam कौन हैं? ईद से पहले मुसलमानों को लेकर विवादित बयान- 'सुबह 4 बजे हंगामा बंद करो, रोक लगे' -
Mojtaba Khamenei Health: ईरान में धमाके के बीच फरार हुए मोजतबा खामेनेई, इस देश ने दी शरण -
Rajya Sabha Elections 2026 Winning List: बिहार में NDA का डंका, देखें विजेताओं की पूरी लिस्ट -
Gold Rate Today: सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट! ₹2990 सस्ता हुआ गोल्ड, 15 मार्च को क्या है 22K-18K का भाव -
जीत का जश्न अभी थमा नहीं था कि मिली एक और गुड न्यूज! सूर्या ने फैंस से छिपाई बड़ी बात, एक वीडियो से खुला राज












Click it and Unblock the Notifications