Karnataka Election: कांग्रेस की प्रचंड जीत, नतीजों के बाद पढ़िए कर्नाटक चुनाव की बड़ी बातें
Karnataka Election: कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी को बड़ी जीत मिली है। इस चुनाव में कांग्रेस की हार के साथ भाजपा के लिए बड़ा संदेश भी है। पार्टी को अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले अपनी रणनीति को फिर से बनाना होगा।

Karnataka Election Result 2023: कर्नाटक के चुनाव में कांग्रेस ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए पूर्ण बहुमत के आंकड़े (113) को ना सिर्फ हासिल किया बल्कि इससे कहीं आगे निकलती नजर आ रही है। जबकि भाजपा सिर्फ 64 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है। कर्नाटक के चुनाव को अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले का निटमस टेस्ट माना जा रहा था। आइए डालते हैं कर्नाटक चुनाव की बड़ी बातों पर एक नजर
कांग्रेस का अच्छा प्रदर्शन
जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी ने पीएम मोदी की अगुवाई में जोरदार चुनाव प्रचार किया उसके बाद भी कांग्रेस ने प्रदेश में बड़ी जीत दर्ज करके पार्टी के कार्यकर्ताओं में नई जान फूंकने का काम किया है। पार्टी आसानी से 130 के आंकड़े को पार कर रही है, जबकि जेडीएस 20, भाजपा 64 सीटों पर सिमटती दिख रही है।
सरकार के खिलाफ नाराजगी का कांग्रेस को फायदा
प्रदेश में भाजपा सरकार के प्रति लोगों में काफी नाराजगी थी, जिसका फायदा कांग्रेस ने जमकर उठाया। विपक्ष के नेता सिद्धारमैया, कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार, लक्ष्मण सावदी, सतीश जरकीहोली और अन्य कांग्रेस नेता बड़े अंतर से जीतते नजर आ रहे हैं।
भाजपा का दांव फेल
प्रदेश में भाजपा बड़ा दांव खेलते हुए मंत्री वी सोमन्ना को दो सीट से उतारा था, लेकिन वह दोनों ही जगह पर हारते नजर आ रहे हैं। साथ ही जिस तरह से भाजपा हिंदुत्व के मुद्दे को एक बार फिर से प्रदेश में आगे बढ़ाकर जीत दर्ज करना चाहती थी, उसे बड़ा झटका लगा है। बजरंग बली का मुद्दा काम नहीं आया। मुसलमानों का आरक्षण खत्म करने का ऐलान भाजपा के काम नहीं आया।
अहिंदा की वापसी
कर्नाटक में अल्पसंख्यक, हिंदू, पिछड़ा वर्ग और दलित को अहिंदा के तौर पर जाना जाता है। इस रणनीति को 1970 में कांग्रेस नेता देवराज उर्स ने तैयार किया था। जिसका लक्ष्य लिंगायत और वोक्कलिगा समुदाय की राजनीति का जवाब देना था। इसी रणनीति को एक बार फिर से कांग्रेस ने चुनाव में आगे बढ़ाया, जिसका पार्टी को स्पष्ट तौर पर लाभ मिला।
भारत जोड़ो यात्रा का असर
राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा शुरुआत दक्षिण भारत से की थी। इस यात्रा में सबसे अधिक समय दक्षिण भारत के हिस्से में ही गुजारा। अहम बात यह है कि जिन 21 विधानसभा क्षेत्रों से राहुल की भारत जोड़ो यात्रा निकली, उसमे से 18 सीटों पर कांग्रेस को फायदा मिला है।












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