Karnataka Congress: डीके शिवकुमार की कांग्रेस अध्यक्ष पद से होगी छुट्टी? सिद्दारमैया के किस करीबी का नाम आगे?
Karnataka Congress: कर्नाटक कांग्रेस में चल रही गुटबाजी अब खुलकर सामने आती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री सिद्दारमैया (Siddaramaiah) और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) के बीच सत्ता संघर्ष लंबे समय से चला आ रहा है, लेकिन अब यह नए मोड़ पर आता दिख रहा है।
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया इस हफ्ते दिल्ली दौरे पर हैं, जहां वे पार्टी नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। आधिकारिक रूप से उनका यह दौरा सरकार के दो साल पूरे होने और विधान परिषद की चार सीटों पर नामों को लेकर चर्चा करने के सिलसिले में बताया जा रहा है, लेकिन ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि इस बार चर्चा का केंद्र बिंदु कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के नए अध्यक्ष की नियुक्ति होगी।

Karnataka Politics: सिद्दारमैया के किस करीबी का नाम आगे?
सूत्रों के मुताबिक, सिद्दारमैया चाहते हैं कि KPCC का नेतृत्व उनके किसी करीबी को सौंपा जाए। इस सिलसिले में लोक निर्माण मंत्री सतीश जारकीहोली (Satish Jarkiholi) और वन मंत्री ईश्वर खंडरे (Eshwar Khandre) का नाम प्रमुख दावेदारों के रूप में उभर रहा है।
जारकीहोली, जो बेलगावी जिले से आते हैं और अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय से हैं,और पहले ही इस पद के लिए अपनी दावेदारी जता चुके हैं। वहीं, ईश्वर खंडरे, जो लिंगायत समुदाय से आते हैं, भी इस रेस में शामिल हैं।
Karnataka Congress: क्या डीके शिवकुमार को हटाने की तैयारी?
डीके शिवकुमार वर्तमान में कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री हैं। हालांकि, पार्टी के भीतर उनके खिलाफ आवाजें उठ रही हैं। सहकारिता मंत्री केएन राजन्ना (KN Rajanna) खुले तौर पर शिवकुमार की कार्यशैली की आलोचना कर चुके हैं।
यह सब जानते हैं कि सिद्दारमैया और शिवकुमार पार्टी के दो अलग-अलग धड़ों का नेतृत्व करते हैं। सार्वजनिक मंच पर दोनों एकता का प्रदर्शन जरूर करते हैं, लेकिन वास्तविकता में दोनों के बीच अंदरूनी कलह चल रही है।
Karnataka Congress: शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की उम्मीद पर संकट?
जब 2023 में कांग्रेस ने कर्नाटक में सत्ता हासिल की थी, तब यह चर्चा थी कि शिवकुमार को 30 महीनों के बाद मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। हालांकि, अब यह संभावना कम होती नजर आ रही है।
सिद्दारमैया के करीबी मंत्री यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सत्ता परिवर्तन की कोई संभावना ही न बचे। यही वजह है कि शिवकुमार के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है।
Karnataka News: शिवकुमार की रणनीति क्या होगी?
शिवकुमार खुद को प्रदेश अध्यक्ष पद पर बनाए रखना चाहते हैं। जानकारी के मुताबिक वे चाहते हैं कि आगामी तालुक और जिला पंचायत चुनावों में कांग्रेस को मजबूत प्रदर्शन दिखाने के बाद ही इस पद से हटने को तैयार हों। उन्होंने पार्टी नेतृत्व को स्पष्ट कर दिया है कि बिना ठोस कारण उन्हें इस पद से नहीं हटाया जाना चाहिए।
Karnataka Politics: अगले कुछ दिनों में होगा बड़ा फैसला?
सिद्दारमैया का यह दिल्ली दौरा कर्नाटक कांग्रेस के भविष्य की राजनीति को तय कर सकता है। अगर पार्टी नेतृत्व KPCC अध्यक्ष बदलने का फैसला लेता है, तो शिवकुमार की रणनीति क्या होगी, यह देखने वाली बात होगी।
वहीं, अगर शिवकुमार अपने पद पर बने रहते हैं, तो सिद्दारमैया गुट की अगली चाल क्या होगी, यह भी अहम होगा। कुल मिलाकर, कर्नाटक कांग्रेस में सत्ता संघर्ष और गहराने की संभावना है।












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