Viral video पर विवादों में फंसे कर्नाटक सीएम के बेटे, सिद्दारमैया क्या दे रहे हैं सफाई? जानिए
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के बेटे यतींद्र सिद्दारमैया एक वीडियो की वजह से विवादों के घेरे में आ गए हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें यतींद्र फोन पर कुछ निर्देश देते नजर आ रहे हैं।
कर्नाटक के पूर्व सीएम और जेडीएस नेता कुमारस्वामी ने इस वीडियो की वजह से उनपर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सीधे मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि यह बातचीत 'ट्रांसफर बिजनेस' (सरकारी कर्मचारियों का) से संबंधित है।

सीएम के बेटे यतींद्र का वीडियो वायरल
यतींद्र कांग्रेस के पूर्व विधायक हैं। वह वीडियो में यह कहते सुने जा रहे हैं, 'हेलो अप्पा (पिता)...विवेकानंद! जहां? नहीं मैंने वह नहीं दिया। महादेवा को (फोन) दें। मैंने सिर्फ पांच दिया था।' फिर वह महादेवा से बात करते हैं, 'महादेवा आप क्यों कुछ दे रहे हैं....? वह किसने दिया? कुछ नहीं, जो 4-5 मैंने दिए हैं, वही करना चाहिए।'
कुमारस्वामी ने सिद्दारमैया के खिलाफ खोला मोर्चा
प्रदेश जेडीएस अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी ने इस पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए सवाल किया है कि यतींद्र किस लिस्ट के बारे में बात कर रहे थे और बातचीत में विवेकानंद कौन था। उन्होंने एक्स पर भी एक पोस्ट लिखकर सिद्दारमैया को भी घेरा है।
उनकी (सीएम) क्या भूमिका है?- कुमारस्वामी
उन्होंने सीएम सिद्दारमैया की ओर इशारा करते हुए पूछा है, 'आपने उन्हें कॉल क्यों दिया (बेटे यतींद्र को) और वह लिस्ट क्या है?' यही नहीं उन्होंने पूछा है कि, 'उनकी (सीएम) क्या भूमिका है? क्या उनका यही काम है कि अपने बेटे को कॉल करें और पूछें कि क्या करना है?'
कुमारस्वामी के मुताबिक, यतींद्र ने आर महादेवा से बात की जो बेंगलरु के गंगानगर में सब-रजिस्ट्रार हैं। उन्हें सीएम के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी के तौर पर नियुक्त किया गया है।
शैडो सीएम मुख्यमंत्री से ज्यादा ताकतवर- बीजेपी
मुख्य विपक्षी बीजेपी ने भी मुख्यमंत्री और उनके बेटे यतींद्र के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने एक्स पर पोस्ट लिखा है, 'शैडो सीएम (यतींद्र), मुख्यमंत्री से ज्यादा ताकतवर है। पूर्व विधायक यतींद्र ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को आदेश दिया कि उन्हें सिर्फ उतना ही करना चाहिए जितना 'मैंने उन्हें दिया है' उससे ज्यादा नहीं।'
सीएम सिद्दारमैया ने कहा कि सबूत लाएं तो राजनीति छोड़ दूं
लेकिन, सिद्दारमैया और उनके डिप्टी डीके शिवकुमार के अलावा सत्ताधारी कांग्रेस के अन्य नेताओं का दावा है कि फोन पर हुई बातचीत कॉर्पोरेट रेस्पॉन्सिबिलिटी फंड के इस्तेमाल से चार-पांच स्कूलों के विकास से सबंधित है।
मुख्यमंत्री ने यहां तक दावा किया है कि अगर एक भी सबूत दिया जाए कि उन्होंने अपने सियासी करियर में अधिकारियों का ट्रांसफर करके पैसा कमाया है तो वे राजनीति से रिटायरमेंट ले लेंगे। उनका दावा है कि समाज कल्याण मंत्री एचसी महादेवप्पा ने लिस्ट दी थी।
वहीं उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार जो कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष भी हैं, उन्होंने भी सफाई दी है कि वह बातचीत सीएसआर फंड से स्कूल के विकास से संबंधित थी।
उनका कहना है कि यतींद्र कर्नाटक डेवलपमेंट प्रोग्राम के सदस्य और आश्रय समिति के चेयरपर्सन हैं और उसी हैसियत से स्कूलों में बेंच और अन्य फर्नीचर उपलब्ध करवाने के लिए सीएसआर फंड के इस्तेमाल को लकर बात कर रहे हैं। (इनपुट-पीटीआई)












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