Karnataka chunav: सूडान से सुरक्षित कर्नाटक लाए गए 'हक्की पिक्की' जनजाति के लोगों से मिले पीएम मोदी, VIDEO
कर्नाटक चुनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूडान गृहयुद्ध में फंसे कर्नाटक के हक्की पिक्की समुदाय के वापस आए लोगों से मुलाकात की और उनसे बातचीत की।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा का प्रचार करने के लिए प्रधानमंत्री लगातार रोड शो और जनसभाएं करते हुए राज्य की जनता से रूबरू हो रहे हैं। वहीं अब प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने कर्नाटक के हक्की पिक्की जनाजाति के सदस्यों से मुलाकात कर बातचीत की। हक्की पिक्की जनजाति का ये वो ही समूह है जिसे मिशन कावेरी के तहत सूडान से सुरक्षित निकाल कर भारत वापस लाया गया है।
पीएम मोदी को धन्यवाद दिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को शिवमोग्गा में हक्की पिक्की जनजाति के सदस्यों से मुलाकात की थी। इन विस्थापितों ने उनकी समय पर सुडान से उनकी सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए सक्रिय कदम के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद दिया। इस समुदाय के लोगों ने कहा सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि वे बिना खरोंच के बच निकले। सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि वे "बिना खरोंच के" बच निकले।
भारतीय दूतावास ने सुरक्षा सुनिश्चित की
पीएम ने उनसे ये भी पूछा कि उन्हें सूडान में कैसे पता चला कि वहां संकट आ चुका है। इसका जवाब देते हुए इस समूह के सदस्य ने बताया कि जोर-जोर की आवाजें सुनाई दे रही थी जिससे हमें अंदाजा हो गया था कि हम असुरक्षित हैं। इसके साथ उन्होंने सूडान में कठिन परिस्थितियों का सामना किया और कैसे सरकार और भारतीय दूतावास ने उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की।
सिद्धारमैया और विदेश मंत्री के बीच छिड़ गई थी बहस
याद रहे हाल ही में कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और विदेश मंत्री एस जयशंकर के बीच सूडान में फंसी इस जनजाति की वापसी को लेकर ट्विटर युद्ध छिड़ गया था। इसकी वजह थी कि सिद्धारमैया ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा मंत्रियों से जनजाति की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए कई ट्वीट्स पोस्ट किए थे।
सिद्धारमैया ने किया था ये ट्वीट
सिद्धारमैया ने ट्वीट करते हुए लिखा था 'यह बताया गया है कि हक्की पिक्की जनजाति से संबंधित कर्नाटक के 31 लोग सूडान में फंसे हुए हैं जो गृहयुद्ध से परेशान हैं। मैं पीएम मोदी, बोम्मई से तुरंत हस्तक्षेप करने और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने का आग्रह करता हूं।
हक्की पिक्की बिना भोजन के वहां फंसे हैं
इसके साथ ही सिद्धारमैया ने दावा किया था कि सूडान में हक्की पिक्की बिना भोजन के फंसे हैं और केंद्र पर आरोप लगाया कि उन्हें वापस लाने के लिए अभी तक कार्रवाई शुरू नहीं की गई है। सिद्धारमैया ने ट्वीट ने एक और पोस्ट लिख कर कहा था कि भाजपा सरकार को तुरंत कूटनीतिक चर्चा शुरू करनी चाहिए और हक्की पिक्की की भलाई सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों तक पहुंचना चाहिए।"
जयशंकर ने सिद्धारमैया को दिया था करारा जवाब
सिद्धारमैया की इस पोस्ट पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कांग्रेस नेता पर कड़ा प्रहार करते हुए ट्वीट किया था 'बस आपके ट्वीट से स्तब्ध हूं! यहां जीवन दांव पर है, राजनीति मत करो। 14 अप्रैल को लड़ाई शुरू होने के बाद से, खार्तूम में भारतीय दूतावास लगातार वहां मौजूद है। सूडान में अधिकांश भारतीय नागरिकों और पीआईओ से संपर्क करें।'
जयशंकर ने सिद्धारमैया पर लगाया था ये आरोप
जयशंकर ने कहा कि उनके बारे में योजनाओं को 'बहुत जटिल' सुरक्षा परिदृश्य को ध्यान में रखना होगा और सूडान में भारतीय दूतावास उस देश की स्थिति को लेकर विदेश मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में है। उनकी स्थिति का राजनीतिकरण करना आपके लिए घोर गैर-जिम्मेदाराना है। कोई भी चुनावी लक्ष्य विदेशों में भारतीयों को खतरे में डालने को सही नहीं ठहराता है।












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