आय से अधिक संपत्ति में जयललिता को सुप्रीम कोर्ट ने नहीं माना आरोपी, 100 करोड़ का हुआ नुकसान
सुप्रीम कोर्ट में दो जजों की बेंच ने जयलललिता को आरोपी नहीं माना, जिसके चलते कर्नाटक को 100 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
नई दिल्ली। आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ऑल इंडिया अन्ना द्रमुक मुनेत्र कड़गम की सुप्रीमों और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री रहीं जयललिता को आरोपी ठहराने से मना कर दिया है। बता दें कि बीते साल 5 दिसंबर को जयललिता का निधन हुआ था।
जस्टिस पीसी घोष और अमित्व राय की पीठ ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में एक याचिका की सुनवाई के दौरान यह फैसला किया।

इस आदेश के परिणाम स्वरूप कर्नाटक राज्य वह 100 करोड़ रुपए नहीं वसूल पाएगा जिसका जुर्माना जयललिता पर कोर्ट ट्रायल के दौरान लगाया गया था।
कर्नाटक की ओर से पुनर्विचार याचिका दायर कर कहा गया था कि यदि पक्ष, मामले का निष्कर्ष निकलने और फैसले के सुरक्षित रख लिए जाने के बाद मरता है तो न्यूनीकरण का आदेश पारित नहीं किया जा सकता है।
इससे पहले बेंच ने कहा था...
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा था कि शशिकला और उनके दो रिश्तेदारों के अलावा जयललिता भी इस मामले में दोषी थीं।
ट्रायल कोर्ट ने उन पर 100 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इसकी वसूली के लिए अब उनकी संपत्तियां और बैंक अकाउंट खंगाले जाने की बात कही गई थी।
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस पीसी घोष और अमिताव रॉय की बेंच ने कहा था, 'हम कानूनी सलाह के बाद इस फैसले पर पहुंचे हैं कि छह कंपनियों के नाम पर जो संपत्ति है, जिसे ट्रायल कोर्ट ने केस का हिस्सा बनाया था, उन्हें हटाया नहीं जा सकता।'
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की ओर से शशिकला,, सुधाकरन और इलावारसी पर लगाए गए 10-10 करोड़ रुपये के जुर्माने को बरकरार रखते हुए 4-4 साल जेल की सजा भी बरकरार रखी थी।












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