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Karnataka Bus Unions Protest: वेतन वृद्धि को लेकर कर्नाटक में सरकारी बसों की हड़ताल,जानिए कहां, क्या होगा असर?

Karnataka Bus Unions Protest: कर्नाटक में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर लाखों यात्रियों को आज,19 फरवरी को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। राज्य के चारों सड़क परिवहन निगमों (KSRTC, BMTC, NWKRTC, और KKRTC) के कर्मचारी संघों ने वेतन वृद्धि और बकाया भुगतान (Arrears) की मांगों को लेकर आज, 19 फरवरी 2026 को एक बड़ी विरोध सभा बुलाई है।

हालांकि, हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद बस हड़ताल को फिलहाल टाल दिया गया है, लेकिन सरकार और कर्मचारियों के बीच तनातनी बरकरार है।

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राज्य सरकार ने बकाया वेतन और वेतन संशोधन की मांगों को सुलझाने के लिए ₹1271.92 करोड़ के विशेष अनुदान की घोषणा की है, फिर भी यूनियनें अपनी कुछ मांगों पर अड़ी हुई हैं।

क्यों स्ट्राइक पर रहेंगे बस ड्राइवर?

सरकार ने श्रीनिवास मूर्ति (IAS निवृत्त) की एकल सदस्य समिति की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए एरियर भुगतान का खाका तैयार किया है। जनवरी 2022 से 28 फरवरी 2023 के बीच का 14 महीने का बकाया वेतन देने पर सरकार सहमत हो गई है। इसके लिए ₹718.93 करोड़ का विशेष फंड जारी किया जाएगा।

12 महीने का अतिरिक्त एरिय भी है। इसके अलावा, साल 2021 21 जनवरी से 31 दिसंबर के 12 महीनों के बकाया के लिए ₹552.99 करोड़ की राशि अलग से मंजूर की गई है। सरकार कुल 26 महीनों का पिछला वेतन जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर रही है।

वेतन वृद्धि को लेकर सरकार और यूनियन के बीच क्या बात हुई?

सरकार ने कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग यानी वेतन वृद्धि पर भी कदम बढ़ाया है जिसे 1 अप्रैल 2025 से लागू किया जाना था। राज्य के चारों निगमों के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए संशोधित वेतन दरें 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी करने का प्रस्ताव है। सरकार ने श्रम संगठनों (Unions) के साथ वेतन वृद्धि के प्रतिशत पर बातचीत और सुलह प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दे दिए हैं।

परिवहन मंत्री और सरकार का कहना है कि पिछली सरकारों की कुछ गलतियों और वित्तीय बोझ के कारण देरी हुई। मार्च 2023 में जब वेतन संशोधन की बात हुई थी, तब बजट में इसके लिए कोई राशि आवंटित नहीं की गई थी। पुराना कर्ज 2019-2023 के समय के दौरान ₹4900 करोड़ की देनदारी छोड़ी गई थी।

वर्तमान सरकार ने भविष्य निधि (PF) और डीजल बकाया चुकाने के लिए बैंकों से ₹2000 करोड़ का कर्ज लेने की अनुमति दी है, जिसका ब्याज और मूलधन सरकार खुद भर रही है। पिछले 2.5 सालों में परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 7800 नई बसें (₹3510 करोड़ की लागत) शामिल की गई हैं और 10,000 नई भर्तियां की गई हैं।

निगमों की वित्तीय स्थिति: एक नजर में

सरकार ने बताया कि परिवहन निगमों का वित्तीय गणित काफी जटिल है। राजस्व का कुल 34.50% डीजल पर और 46.37% हिस्सा स्टाफ के वेतन पर खर्च होता है। यानी कुल 80.87% कमाई सीधे संचालन में चली जाती है। पिछले 2 सालों में निगमों को ₹1219.23 करोड़ के मोटर वाहन कर (Motor Vehicle Tax) से छूट दी गई है ताकि वे आर्थिक संकट से उबर सकें।

सरकार की अपील

कर्नाटक सरकार ने कर्मचारी संघों से अपील की है कि वे सरकार द्वारा जारी किए गए ₹1271 करोड़ के पैकेज और वेतन संशोधन के आदेश को स्वीकार करें और सार्वजनिक हित में सहयोग करें। कोर्ट के आदेश के बाद हड़ताल वापस लेने से यात्रियों को बड़ी राहत मिली है, लेकिन यूनियन की आज की बैठक यह तय करेगी कि क्या वे सरकार के इस प्रस्ताव से संतुष्ट हैं।

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