Kanjhawala Case: FSL ने यौन शोषण की बात को किया खारिज, कहा- लड़की के कार के अंदर होने के सबूत नहीं
फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी ने कंझावला केस में यौन शोषण की बात से इनकार किया है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि लड़की के कार के अंदर होने के कोई सबूत नहीं हैं।

दिल्ली के कंझावला में न्यू ईयर पर कार सवार युवकों ने एक स्कूटी को टक्कर मारी। इसके बाद वो उसे कई किलोमीटर तक घसीटते हुए ले गए, जिससे उसकी मौत हो गई। लड़की का शव जब बरामद हुआ तो उसके ऊपर कोई कपड़ा नहीं था, ऐसे में शौन योषण का भी शक जताया जा रहा था। हालांकि फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी दिल्ली (एफएसएल) ने प्रारंभिक जांच में इससे इनकार कर दिया है। जांच टीम के मुताबिक कार के अंदर विस्तार से जांच की गई, जिसमें लड़की के अंदर होने का कोई सुराग नहीं मिला।
एफएसएल के मुताबिक आरोपी की कार की प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि महिला वाहन के अगले बाएं पहिये में फंसी हुई थी। ज्यादातर खून के धब्बे अगले बाएं पहिये के पीछे पाए गए। कार के नीचे और हिस्सों पर भी खून के धब्बे मिले हैं। लैब ने आगे कहा कि कार के अंदर मौजूद महिला का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। गिरफ्तार किए गए कार सवारों के खून के नमूने भी विस्तृत जांच के लिए एफएसएल पहुंच गए हैं।
क्या कहती है पोस्टमार्टम रिपोर्ट?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत की वजह एक्सीडेंट को बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि अंजलि के सिर, रीढ़, बाएं फीमर में चोट लगी थी। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने भी यौन शोषण की बात को खारिज कर दिया था। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में साफ लिखा कि मौत का कारण गंभीर चोट थी, जो कार से टक्कर और घसीटने से लगी।
मां ने क्या कहा था?
लड़की की मां इस हादसे के बाद पूरी तरह टूट चुकी हैं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि जब उनकी बेटी घर से निकली तो उसने कई कपड़े पहन रखे थे, जबकि उसके शव पर एक भी टुकड़ा नहीं था। ऐसे में सवाल उठता है कि उनकी बच्ची के साथ क्या हुआ था। इसके बाद यौन शोषण की थ्योरी बनी, हालांकि अब दोनों रिपोर्ट्स से साफ हो गया है कि लड़की की मौत कार के नीचे आने से हुई थी।












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