कन्हैया का PM मोदी पर तंज-ये किसान हैं, बेज़ुबान सरकारी संस्थान नहीं कि अपने दोस्तों को औने-पौने दाम में बेच दोगे
नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली आने की जिद में अड़े किसानों (Farmers Protest) को दिल्ली के बुराड़ी स्थित निरंकारी समागम ग्राउंड विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति तो मिल गयी है, लेकिन इसके बावजूद किसान सिंघु बॉर्डर पर जमे हुए हैं। वहीं किसानों के विपक्षी दलों का सहयोग मिल गया है। सीपीआई नेता और जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) ने किसान आंदोलन के बहाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है।
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शनिवार को कन्हैया कुमार ने ट्वीट कर पीएम मोदी पर तंज कसते हुए लिखा कि, सुनो साहेब!! ये किसान हैं, बेज़ुबान सरकारी संस्थान नहीं कि अपने दोस्तों के हाथ औने-पौने दाम में बेच दोगे। इससे पहले एक अन्य ट्वीट में कन्हैया ने लिखा कि, किसान कौन सा आपसे पंद्रह लाख माँग रहे या यह भी नहीं कह रहे कि उनके लिए साढ़े आठ करोड़ का हवाई जहाज़ ख़रीद दो। बस इतना कह रहे कि बिल में एक लाइन लिख दो कि एमएसपी से कम पर फसलों की ख़रीद ग़ैरकानूनी होगी।

वहीं शुक्रवार को किसानों राजनीतिक दलों द्वारा भड़काने के आरोपों पर सीपीआई नेत कन्हैया कुमार ने कहा था कि, ये किसान हैं। भड़के हुए बैलों को क़ाबू करने का हुनर इनको आता है। भला इनको कौन भड़काएगा! आपने इनकी बर्बादी के क़ानून लिखे हैं। देखना, ये आपको भी क़ाबू में करके ही दम लेगें। दरअसल मोदी सरकार के मंत्री लगातार दावा कर रहे हैं कि, किसानों को भड़काने की साजिश रची जा रही है।
बता दें कि छह राज्यों के हजारों किसान तीन नए कृषि कानूनों के प्रावधानों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब तक सरकार विवादित कानून वापस नहीं ले लेती, तब तक वे यहीं जमे रहेंगे। वे अपनी पूरी तैयारी करके आए हैं। उनके पास भरपूर मात्रा में राशन है। इस बीच, खबर यह है कि पंजाब से हजारों की संख्या में और किसान दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। वहीं कहा जा रहा है कि पंजाब के इन किसानों को उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड के किसानों का समर्थन मिला है। यदि यह किसान आंदोलन लंबा चलता है तो इन राज्यों के किसान भी दिल्ली कूच कर सकते हैं।












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