कमलेश तिवारी हत्याकांड: पाकिस्तान भागने की फिराक में थे आरोपी अशफाक और मोइनुद्दीन
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नई दिल्ली। गुजरात एटीएस ने कमलेश तिवारी हत्याकांड के दोनों आरोपियों अशफाक हुसैन और मोइनुद्दीन पठान को गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों आरोपियों को मंगलवार को गुजरात-राजस्थान बॉर्डर के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, इन दोनों ने ही कमलेश तिवारी की हत्या की थी और इसके बाद से फरार थे। इनकी गिरफ्तारी के बाद कई खुलासे हुए हैं।

पाकिस्तान भागने की फिराक में थे दोनों आरोपी
गुजरात एटीएस के मुताबिक, ये दोनों आरोपी पाकिस्तान भागने की फिराक में थे। ये दोनों आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे और इस कारण वे कई बार पुलिस के हाथों आने से बच गए। एटीएस के डीआईजी हिमांशु शुक्ला ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि नागपुर से गिरफ्तार सैयद असीम अली पिछले डेढ़ साल से सूरत से गिरफ्तार रशीद, मोहसिन और फैजान के संपर्क में था।

एक-दूसरे से बात करने के लिए अपने फोन का इस्तेमाल नहीं किया
इस दौरान एक और खुलासा हुआ है कि इन डेढ़ सालों में इन लोगों ने एक-दूसरे से बात करने के लिए कभी अपने फोन का इस्तेमाल नहीं किया। ये लोग हमेशा किसी दूसरे का फोन मांगकर उसमें नया सिम डालकर बात करते थे, इसके बाद सिम को तोड़कर फेक देते थे। कभी सड़क चलते किसी का फोन लेकर बात कर लेते थे। पुलिस को शक है कि इसी तरह से आरोपियों ने सैकड़ों सिम कार्ड का इस्तेमाल किया और बात करने के बाद उसे तोड़कर फेंक दिया।

राजस्थान बॉर्डर से पकड़े गए
यूपी और गुजरात पुलिस को इन दोनों की कमलेश तिवारी मर्डर केस में तलाश थी। कमलेश तिवारी की हत्या का गुजरात कनेक्शन सामने आने के बाद यूपी पुलिस ने वहां की पुलिस से संपर्क साधा था। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी ने होटल, लॉज, मदरसों और कई स्थानों पर छापेमारी की लेकिन वे बच निकलने में कामयाब रहे। इस बीच पुलिस ने इनपर ढाई लाख रु का इनाम घोषित कर दिया था और इनके पोस्टर भी जारी किए थे। गुजरात एटीएस के मुताबिक, कमलेश तिवारी की हत्या के आरोपी अशफाक और मोइनुद्दीन अपने साथ जितने पैसे लाए थे, वह धीरे-धीरे खत्म हो रहे थे।

घरवालों को कॉल कर पैसों का इंतजाम करने को कहा था
उधर, यूपी पुलिस से मिले इनपुट के बाद गुजरात एटीएस के निर्देश पर सर्विलांस टीम और कुछ पुलिसकर्मी इन दोनों आरोपियों के करीबी और घरवालों पर नजर रख रहे थे। एक हत्यारोपी ने सूरत स्थित अपने घर पर एक कॉल किया था और कुछ पैसों का इंतजाम करने को कहा था। ये कॉल एटीएस के काम आ गई और दोनों आरोपियों को एटीएस ने राजस्थान बॉर्डर से दबोच लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि उन्होंने पैगंबर को लेकर दिए गए बयान की वजह से ही कमलेश तिवारी की हत्या की थी।












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