भारतीय मूल की कमला हैरिस ने अमेरिकी चुनाव में रचा इतिहास, पहली महिला उपराष्ट्रपति बनी
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडेन ने रिपब्लिक डोनाल्ड ट्रंप को हरा दिया है। वहीं उनकी सहयोगी भारतीय मूल की कमला हैरिस (kamala Harris) ने भी उपराष्ट्रपति पद पर जीत हासिल कर अमेरिकी चुनाव में इतिहास रच दिया है।

कमला हैरिस अमेरिका के इतिहास में पहली महिला हैं जो उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनी गई हैं। इसके साथ ही वह इस पद पर पहुंचने वाली पहली अश्वेत अमरीकी और पहली एशियन अमरीकी भी हैं। कमला हैरिस की मां भारतीय मूल की थीं जबकि उनके पिता अफ्रीकी देश जमैका से अमेरिका पहुंचे थे।
जो बाइडेन अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति चुने गए हैं। इसके साथ ही 1992 में जार्ज बुश सीनियर के बाद ट्रंप पहले राष्ट्रपति बने हैं जो दोबारा नहीं चुने गए हैं।
अगला राष्ट्रपति होने के चांस
77 साल के बाइडेन को लेकर ऐसी उम्मीद कम ही है कि वे अगले राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा लेंगे। ऐसे में कमला हैरिस के 2024 में राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार होने के पूरे चांस हैं।
कैलिफोर्निया से डेमोक्रेट सीनेटर कमला हैरिस ने जो बाइडेन और अन्य के साथ 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना दावा पेश किया था लेकिन बाइडेन बाजी मार ले गए थे। डेमोक्रेटिक उम्मीदवारी के लिए कड़वी दौड़ के बाद जो बाइडेन ने कमला हैरिस को उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना रनिंग मेट चुना था। उपराष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेट उम्मीदवार के रूप में कमला हैरिस के चयन ने महिला और अश्वेत मतदाताओं को काफी प्रभावित किया।
कमला हैरिस के नाम कई ऐसी उपलब्धियां दर्ज हैं जो अमेरिका के इतिहास में करने वाली वो पहली रही हैं। उन्होंने कैलिफोर्निया की पहली महिला डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी रही थीं। साथ ही कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल पद पर पहुंचने वाली वह पहली अश्वेत महिला भी रहीं। सीनेट के इकलौती अश्वेत महिला सीनेटर के रूप में जॉर्ज फ्लायड की मौत के बाद वह रंगभेद के खिलाफ और पुलिस सुधार को लेकर प्रमुख आवाज बनीं।












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