K Surendran: राहुल गांधी को वायनाड में चुनौती देने वाले कौन हैं BJP नेता? जिनके खिलाफ दर्ज हैं 242 मामले
लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) में इस बार वायनाड में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को बीजेपी नेता के सुरेंद्रन (K Surendran) टक्कर दे रहे हैं, जिनके खिलाफ 242 मामले दर्ज हैं। इनमें पांच मामलों को छोड़कर बाकी 237 केस ऐसे हैं, जो सबरीमाला मंदिर मामले में विरोध से जुड़े हैं। बीजेपी की ओर से टिकट फाइनल होने के बाद के सुरेंद्र ने बीजेपी के मुखपत्र में अपने खिलाफ दर्ज मामलों की पूरा ब्यौरा भी प्रकाशित किया, जो पूरे तीन पृष्ठों का है।
के सुरेंद्रन ने खुद के खिलाफ दर्ज मामलों को ब्यौरा जनता के बीच रखकर एक बार फिर यहां कांग्रेस को घेरने की कोशिश की गई है। ऐसे में आईए जानते हैं कि कांग्रेस सांसद को टक्कर देने वाले बीजेपी नेता के सुरेंद्र कौन हैं? बीजेपी ने उन पर इस बार वायनाड को लेकर क्यों दांव लगाया है?

के सुरेंद्रन नाम लोकसभा चुनाव के बीच चर्चा में तब आया जब शुक्रवार को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष ने एक्स (पूर्व में ट्वीटर) पर एक पोस्ट किया। जिसमें उन्होंने कहा कि भारत के कुछ हिस्सों में राष्ट्रवादी होना कठिन है। बीएल संतोष ने अपनी पोस्ट में के सुरेंद्रन, राधाकृष्णन, पार्टी की अलाप्पुझा उम्मीदवार शोभा सुरेंद्रन और वटकारा उम्मीदवार प्रफुल्ल कृष्ण के खिलाफ के दर्ज मामलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादियां के लिए ये संघर्ष आम हो गया है। ऐसे सैकड़ों मामले सामने आए हैं, लेकिन इससे पीछे भी नहीं हटा जा सकता हैं।
कौन हैं के सुरेंद्रन?
के सुरेंद्रन भाजपा की केरल राज्य इकाई के प्रमुख हैं। वे वायनाड लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ एनडीए के उम्मीदवार भी हैं। के सुरेंद्रन के खिलाफ सैकड़ों मामले दर्ज हैं, जिनमें अधिकतर कुल 237 मामले सबरीमाला विरोध के दौरान दर्ज किए गए।
वहीं एर्नाकुलम निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार के एस राधाकृष्णन के खिलाफ लगभग 211 मामले हैं। केरल में बीजेपी नेताओं के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर केरल भाजपा के महासचिव जॉर्ज कुरियन ने कहा, "ज्यादातर मामले 2018 में हुए सबरीमाला विरोध प्रदर्शन से संबंधित हैं। ज्यादातर मामले अदालत में हैं। जब पार्टी के नेता हड़ताल या विरोध प्रदर्शन का आह्वान करते हैं, तो पुलिस उस संबंध में मामला दर्ज करती है।"
कुरियन ने कहा कि 237 मामले सबरीमाला विरोध प्रदर्शन से संबंधित थे, जबकि पांच केरल में विभिन्न आंदोलनों के संबंध में दर्ज किए गए थे।
बता दें कि केरल में पथानामथिट्टा जिले में पहाड़ी की चोटी पर स्थित सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने के केरल सरकार के फैसले के खिलाफ भाजपा और एनडीए में शामिल कुछ दलों के नेताओं ने 2018 में राज्यव्यापी आंदोलन किया था। इस दौरान शांति और कानून व्यवस्था के लिए कई नेताओं ने पर बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई और कई मामले दर्ज किए गए थे। इस विरोध में के सुरेंद्रन का भी नाम आया और उनके खिलाफ दर्ज मामलों की फेहरिस्त बढ़ती गई।
हाल में वायनाड से टिकट मिलने के बाद के सुरेंद्रन अपने खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर सुर्खियों में है। उन्होंने मामलों की लिस्ट प्रकाशित करके ये दिखाने की कोशिश की है कि अगर धर्म के आधार पर कोई आवाज उठाई जाती है, तो उसे कांग्रेस और अन्य गैर एनडीए दल कैसे कुचलने का प्रयास करते हैं।












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