Ishrat Jahan Encounter Case में फैसला देने वाले जज ने दिया इस्तीफा
नई दिल्ली। कर्नाटक हाई कोर्ट के सबसे वरिष्ठ जज जयंत पटेल ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस्तीफा दे दिया है। सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने उन्हें इलाहाबाद हाई कोर्ट ट्रांसफर किया था, जिससे खफा होकर जज ने अपने पद से ही इस्तीफा दे दिया। साथ ही उन्होंने सवाल खड़ा किया है कि जिन लोगों ने मेरे प्रमोशन के खिलाफ फैसला लिया है, उन्हें जवाब देना होगा कि आखिर यह क्यों किया गया है।

मुख्य न्यायाधीश बनाया जाना था
ऐसा माना जा रहा था कि जस्टिस जयंत पटेल चीफ जस्टिस एसके मुखर्जी के रिटायरमेंट के बाद कर्नाटक हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनेंगे। जस्टिस एसके मुखर्जी 9 अक्टूबर को रिटायर होने वाले हैं। जस्टिस पटेल 2011 में गुजरात हाई कोर्ट की दो जजों की पीठ के सदस्य थे जिसने 2004 मे मुंबई की लड़की इशरत जहां की हत्या के मामले में सीबीआई जांच का आदेश दिया था। यही नहीं एसआईटी की जांच के बाद जिस तीन जजों की बेंच ने इस एनकाउंटर को फेक एनकाउंटर घोषित किया था, उसमे में भी जस्टिस पटेल शामिल थे।

मैंने अपना इस्तीफा सौंप दिया है
खुद जस्टिस पटेल ने भी इस बात से इनकार नहीं किया है कि 2011 में इशरत जहां के मामले में फैसला सुनाने की वजह से उनके साथ ऐसा किया गया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने यह फैसला लिया है उन्हें जवाब जरूर देना होगा, मैं कुछ नहीं कह सकता, उन्होंने कहा कि मैंने हमेशा फैसला सबूतों के आधार पर दिया है। जस्टिस पटेल ने कहा कि जब मुझे पता चला कि मेरा तबादला इलाहाबाद हाई कोर्ट किया गया है तो मैंने इस्तीफा देने का फैसला लिया, मैंने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को भेज दिया है, मैं अपनी जिम्मेदारियों से अब मुक्त हूं, ऐसे में यह कैसे हुआ और क्यों हुआ इसका फैसला आप कीजिए।

सिर्फ 10 महीनों के कार्यकाल बचा था
जस्टिस पटेल ने कहा मैं इलाहाबाद शिफ्ट नहीं होना चाहता था, मैंने पूरे सम्मान के साथ 16 वर्ष बतौर जज काम किया है, अब महज 10 महीने बचे हैं और मुझे दूसरी जगह भेजा जा रहा है, ऐसे में मुझे सिर्फ 10 महीने के लिए दूसरी जगह क्यों जाना चाहिए। मैंने जो किया वह सही था, मैंने अपनी जिम्मेदारी के लिए पद ग्रहण करने से पहले शपथ ली थी, सजा आखिरकार भगवान के हाथ में है, मैं सिर्फ एक बात कह सकता हूं कि मैंने जहां भी काम किया पूरी गंभीरता और जिसकी शपथ ली थी उसी के अनुसार किया है।
गुजरात हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस थे
इशरत जहां मामले में सीबीआई जांच का आदेश देने के फैसलले के बारे में उन्होंने कहा कि हम हर रोज फैसले देते हैं, हम यह नहीं देखते हैं कि यह किससे जुड़ा है, हम इस तरह से फैसला दे भी नहीं सकते हैं, हम आरोपी का नाम नहीं देखते हैं, यही हमसे अपेक्षा की जाती है, मुझे नहीं लगता है कि मेरे ट्रांसफर की यह वजह हो सकती है, लेकिन मैं जवाब भी नहीं दे सकता हूं क्योंकि फैसला कहीं और लिया गया है। जस्टिस पटेल को 13 फरवरी 2016 को गुजरात हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के पद से हटाकर कर्नाटक हाई कोर्ट भेजा गया था, वह गुजरात में अगस्त 2015 को चीफ जस्टिस बनाए गए थे
Ishrat Jahan Encounter Case
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