वक्फ संशोधन बिल: जेपीसी की दूसरी बैठक में क्या क्या हुआ? क्या रद्द होगा बिल?
Waqf bill: वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 पर विचार-विमर्श के लिए बनाई गई संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की दूसरी बैठक हंगामेदार रही है। इस बैठक में सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा के सांसदों के साथ हुई नोकझोंक के बाद विपक्षी सदस्यों ने वॉकआउट कर दिया था।
बैठक में बिल को लेकर भाजपा और विपक्षी सांसदों के बीच जोरदार बहस हुई थी। मुस्लिम संगठनों ने भी बिल का विरोध किया है। मुस्लिम संगठनों ने इस बिल को अवैध बताते हुए कहा कि सरकार को इसमें दखल नहीं करना चाहिए। जेपीसी की अगली बैठक 5 सितंबर और 6 सितंबर को होगी।

इस बैठक में ऑल इंडिया सुन्नी जमीयतुल उलेमा (मुंबई), इंडियन मुस्लिम फॉर सिविल राइट्स (दिल्ली), उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और राजस्थान बोर्ड ऑफ मुस्लिम वक्फ के प्रतिनिधि ने विधेयक पर अपने-अपने विचार संयुक्त संसदीय समिति के सामने रखे।
विधेयक को रद्द करने की गई अपील, जानें JPC की बैठक में किसने क्या कहा?
🔴 ऑल इंडिया सुन्नी जमीयतुल उलेमा के अध्यक्ष हजरत मोइन मियां साहब के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में वक्फ संशोधन विधेयक 2024 के जेपीसी सदस्यों से मुलाकात की। उन्होंने संशोधन विधेयक का कड़ा विरोध किया और विधेयक को पूरी तरह से रद्द करने की अपील की।
🔴 बैठक में एडवोकेट रिजवान मर्चेंट ने पूरी समिति के सदस्यों के सामने जोरदार ढंग से विरोध किया है और संशोधन विधेयक पर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं।
🔴 AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी विधेयक की पूरी तरह निंदा की और विधेयक पर विचार करने के लिए गठित जेपीसी के एक अन्य सदस्य सांसद संजय सिंह ने भी उनका समर्थन किया।
🔴 रजा अकादमी के अध्यक्ष अलहाज सईद नूरी, एडवोकेट निसार अहमद, सैयद जमील (जालना), एडवोकेट आसिफ साहब नासिक सहित प्रतिनिधिमंडल ने जेपीसी को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें प्रस्तावित विधेयक में गंभीर कानूनी गलतियों का हवाला दिया गया और विधेयक को पूरी तरह से खारिज कर दिया गया। हमें उम्मीद है कि भारत सरकार समुदाय की चिंताओं को ध्यान में रखेगी और विधेयक को पूरी तरह से रद्द कर देगी।
कांग्रेस सांसद नसीर हुसैन बोले- वक्फ बोर्ड के बारे में बहुत सी गलतफहमियां फैलाई गईं
समिति में शामिल कांग्रेस सांसद नसीर हुसैन ने कहा कि वक्फ संपत्तियों के बारे में बहुत सी गलत सूचनाओं को दूर करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, "मुस्लिम समुदाय की छवि खराब करने के लिए वक्फ बोर्ड के बारे में बहुत सी गलतफहमियां फैलाई गई हैं। यह पूरा विधेयक गलत सूचनाओं पर आधारित है। सरकार कह रही है कि वक्फ बोर्ड भारत में दूसरे सबसे बड़े संपत्तिधारक हैं। हालांकि, वक्फ बोर्ड कोई संपत्ति नहीं रख सकता। वे केवल संरक्षक हो सकते हैं।"
बैठक के दौरान कुछ नेताओं में हुई तीखी बहस
बैठक के दौरान कुछ तीखी बहसबाजी भी हुई, जिसमें आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सरकार पर संविधान की अनदेखी करने का आरोप लगाया। बैठक में भाजपा सांसद दिलीप सैकिया और आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह के बीच तीखी बहस भी हुई। सूत्रों के मुताबिक भाजपा के सांसद जब अपनी बात रख रहे थे तो उन्हें विपक्षी सांसदों की तरफ से बार-बार टोका जा रहा था।
बैठक में असदुद्दीन ओवैसी और अभिजीत गंगोपाध्याय के बीच भी तीखी बहस हुई थी। गंगोपाध्याय की व्यक्तिगत टिप्पणी को अपमानजनक बताते हुए औवेसी ने जोरदार विरोध किया था।
बैठक से पहले समिति के अध्यक्ष भाजपा सांसद जगदम्बिका पाल ने संवाददाताओं को बताया कि जब समिति का गठन किया गया था, तो उनका इरादा वक्फ बोर्डों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित करने का था। उन्होंने कहा, "हमने देश के जितने भी वक्फ बोर्ड बुलाए हैं, उन्हें बुलाने पर सहमति जताई थी। हम उन लोगों को भी बुलाएंगे जो हमारे अल्पसंख्यक संगठनों का हिस्सा हैं। सरकार का मानना है कि बेहतर कानून बनाया जाना चाहिए।"












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