Joyeeta Gupta: जानें कौन हैं जोइता गुप्ता? जिन्हें 'डच नोबेल पुरस्कार' से सम्मानित किया जाएगा
एम्स्टर्डम विश्वविद्यालय में पर्यावरण और विकास की प्रोफेसर, जलवायु परिवर्तन शोधकर्ता जोइता गुप्ता को नीदरलैंड में सर्वोच्च वैज्ञानिक सम्मान स्पिनोजा पुरस्कार के लिए चुना गया है। एक बयान में कहा गया है कि 1.5 मिलियन यूरो का स्पिनोजा पुरस्कार, जिसे कभी-कभी डच नोबेल कहा जाता है, उन्हें अक्टूबर में प्रदान किया जाएगा। भारतीय मूल की प्रोफेसर जोइता गुप्ता को 'न्यायसंगत और टिकाऊ दुनिया' (just and sustainable world) पर केंद्रित उनके वैज्ञानिक कार्य के लिए डच विज्ञान में सर्वोच्च सम्मान स्पिनोजा पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा ।
जानें कौन हैं जोइता गुप्ता?
दिल्ली में 2 जून 1964 को जन्मीं जोइता गुप्ता ने दिल्ली छावनी में लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल और सुब्रतो पार्क में वायु सेना केंद्रीय स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के लेडी श्री राम कॉलेज में अर्थशास्त्र का अध्ययन किया। फिर 1988 में इनलैक्स फेलोशिप के माध्यम से अमेरिका के हार्वर्ड विश्वविद्यालय में कानून में मास्टर डिग्री प्राप्त करने से पहले अहमदाबाद के सर एलए शाह लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री हासिल की।

क्या है जोइता गुप्ता का नवीनतम शोध
जोइता गुप्ता का नवीनतम शोध अर्थ सिस्टम बाउंड्रीज से संबंधित है जो कि वैज्ञानिक रूप से लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ ग्रह की स्थिरता की मात्रा निर्धारित करता है। इस अनुसंधान का लक्ष्य पानी, भोजन, आश्रय और बुनियादी ढांचे के लिए दुनिया भर में न्यूनतम जरूरतों को समझना है। जोइता गुप्ता के रिसर्च में गवर्नेंस के माध्यम से जलवायु परिवर्तन द्वारा उत्पन्न कई तरह के मुद्दों का समाधान शामिल है। एम्सटर्डम यूनिवर्सिटी द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि प्रोफेसर गुप्ता के रिसर्च के मूल में जलवायु संकट, वैश्विक जल चुनौतियां, संभावित समाधान और न्याय के बीच संबंधों को आसानी से जानने का प्रयास किया गया है।












Click it and Unblock the Notifications