JNU मामले पर बोले रामदेव, बहुत दिनों बाद किसी मुद्दे पर दी प्रतिक्रिया

नई दिल्ली। दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के कैंपस में रविवार शाम नकाबपोश बदमाशों के हमले पर योगगुरू और कारोबारी रामदेव का बयान आया है। रामदेव ने कहा है कि जिस तरह कि हिंसा हुई है, उसे किसी भी सूरत में सही नहीं कहा जा सकता। ऐसे करने वालों को पकड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है जैसे जेएनयू और विभिन्न अन्य शैक्षणिक संस्थान मारपीट के अड्डे बन गए हैं।

ये देश के लिए बेहतर स्थिति नहीं

ये देश के लिए बेहतर स्थिति नहीं

बीते कुछ समय से मीडिया से दूरी बनाकर रखने वाले रामदेव ने जेएनयू पर कहा, एक विश्वविद्यालय में ये जो हुआ है, वह राष्ट्र के लिए शर्मनाक है। शैक्षिक संस्थानों को शिक्षा, अनुसंधान और आविष्कारों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। जिस तरह से शैक्षणिक संस्थानों में हिंसक माहौल को देख रहे हैं। वो शिक्षण संस्थानों में बिल्कुल भी उपयुक्त नहीं हैं।

ये राजनिति का सही तरीका नहीं है: रामदेव

ये राजनिति का सही तरीका नहीं है: रामदेव

रामदेव ने कहा कि छात्र अगर इस तरीके से राजनीति सीखते हैं, तो वे भविष्य में राष्ट्र का नेतृत्व कैसे करेंगे? यह छात्र राजनीति नहीं है, यह छात्र गुंडागर्दी है। इसकी कतई अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। ऐसी हरकत करने वालों को विश्वविद्यालयों से निष्कासित किया जाना चाहिए। ऐसे लोग विश्वविद्यालयों में नहीं बल्कि सलाखों के पीछे होने चाहिए।

जेएनयू में हुई थी भारी हिंसा

जेएनयू में हुई थी भारी हिंसा

बता दें, दिल्ली स्थित जेएनयू के कैंपस में 50-60 नकाबपोश बदमाशों डंडो और लोहे की रॉड लेकर रविवार शाम हमला कर दिया था। इस हमले में 34 छात्र और शिक्षक घायल हुए हैं। इन हमलावरों ने हॉस्टलों में घुसकर तोड़फोड़ की और छात्रों को मारा पीटा। घायलों में जेएनयूएसयू की अध्यक्ष आईशी घोष और प्रोफेसर सुचित्रा सेन भी शामिल हैं। आईशी घोष ने आरएसएस की छात्र इकाई एबीवीपी पर बाहर से लोगों को बुलाकर हिंसा कराने का आरोप लगाया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+