घायल JNUSU अध्यक्ष आइशी घोष की मां बोलीं, 'कुछ भी हो जाए, बेटी से पीछे हटने को नहीं कहूंगी'
अपनी बेटी पर हुए हमले को लेकर अब जेएनयू की छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष की मां का बड़ा बयान सामने आया है...
नई दिल्ली। दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में रविवार देर रात जमकर हिंसा हुई। चेहरे पर नकाब लगाए 40 से 50 लोगों के एक गुट ने जेएनयू में छात्र-छात्राओं के साथ मारपीट की। नकाबपोश लोग अपने हाथों में डंडे और रॉड लिए हुए थे। इस हमले में करीब 34 छात्र-छात्राएं घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए एम्स में ले जाया गया। घायल छात्रों ने हमले के लिए एबीवीपी को जिम्मेदार ठहराया है। हमले में जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष को भी गंभीर चोटें आईं हैं। अपनी बेटी पर हमले को लेकर अब आइशी घोष की मां और पिता का बयान आया है।
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'वीसी को इस्तीफा देना चाहिए'
आइशी घोष की मां ने अपनी बेटी पर हुए हमले के बाद कहा, 'इस मामले में यूनिवर्सिटी के वीसी को इस्तीफा देना चाहिए। वो कुछ भी नहीं कर रहे है। फीस बढ़ोत्तरी के खिलाफ प्रदर्शनों के बाद इतनी सारी घटनाएं हो गईं और वीसी छात्रों से बात तक नहीं कर रहे हैं। इस आंदोलन में मेरी बेटी के साथ बहुत सारे लड़के और लड़कियां हैं। वो सभी घायल हैं, कुछ कम, कुछ ज्यादा। मैं अपनी बेटी से इस विरोध प्रदर्शन से पीछे हटने के लिए नहीं कहूंगी।'

'अपनी बेटी को लेकर चिंतित और डरा हुआ हूं'
वहीं आइशी घोष के पिता ने कहा, 'मैं अपनी बेटी को लेकर चिंतित और डरा हुआ हूं। पूरे देश में हालात अस्थिर हैं। हम डरे हुए हैं। आज मेरी बेटी पर हमला हुआ है, कल किसी और को पीटा जाएगा। किसे पता, हो सकता है कि कल मेरे साथ भी मारपीट हो। अभी तक मेरी बेटी से मेरी सीधी बात नहीं हुई है। दूसरे छात्रों ने मुझे घटना के बारे में बताया कि जेएनयू में हमला हुआ है। जेएनयू में लंबे समय से तो एक शांतिपूर्ण आंदोलन चल रहा था। मेरे बेटी के सिर में पांच टांके आए हैं। हमें उसे लेकर चिंता हो रही है। मेरी बेटी वामपंथी आंदोलन के साथ है। हर कोई, हर जगह वामपंथी आंदोलन का विरोध करने की कोशिश करता है।'

क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जेएनयू हिंसा की जांच
आपको बता दें कि रविवार देर रात चेहरे पर मास्क लगाए कई लोगों ने, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, जेएनयू कैंपस के अंदर छात्रों पर हमला किया। हमले में जेएनयू के प्रोफेसरों को भी निशाना बनाया गया। हाथों में डंडे और लोहे की रॉड लिए इन लोगों के हमले में एक महिला प्रोफेसर को भी चोटें आई हैं। हमले के बाद घायलों को एम्स में भर्ती कराया गया, जहां से इलाज के बाद सोमवार सुबह उन्हें छुट्टी दे दी गई। मामले को लेकर दिल्ली पुलिस ने एक एफआईआर दर्ज की है और केस की जांच क्राइम ब्रांच की टीम को सौंपी गई है।












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