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Ghulam Nabi Azad: '600 साल पहले कश्मीर में सब हिंदू थे', आजाद को क्यों याद आया इतिहास?

Ghulam Nabi Azad: पूर्व कांग्रेस नेता और डेमोक्रेटिव प्रोग्रेसिव पार्टी के प्रमुख गुलाम नबी आजाद इन दिनों अपने उस बयान की वजह से सुर्खियों में हैं, जिसमें उन्होंने कहा है कि 'हिंदुस्तान के सारे मुस्लिम पहले हिंदू थे और 600 साल पहले कश्मीर में सब पंडित हुआ करते थे।'

Ghulam Nabi Azad

जिसके बाद वो विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं, इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं तो वहीं सोशल मीडिया पर भी उनको लेकर बहस जारी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि 'पचास साल कांग्रेस में रहने के बाद अब आजाद को ये इतिहास क्यों याद आया है? क्या सच में ये बात भाईचारे के मद्देनजर कही गई है या फि इसके पीछे हिंदू वोटरों को अपनी ओर आकर्षित करना है।

हिंदू बहुल क्षेत्र और आजाद की जन्मस्थली है डोडा

आपको बता दें कि गुलाम नबी आजाद का ये बयान इसलिए भी चर्चा के घेरे में हैं क्योंकि इन्होंने ये बात डोडा जिले में कही जो कि एक हिंदू बहुल क्षेत्र कहा जाता है। मालूम हो कि धरती का जन्नत जम्मू और कश्मीर दो हिस्सों में विभाजित है। जहां जम्मू हिंदू बहुल इलाका कहा जाता है तो वहीं कश्मीर में मुस्लिम लोग ज्यादा हैं। डोडा ही आजाद की जन्मस्थली भी है लेकिन हिंदू-मुस्लिम की ये बातें उन्होंने तब भी नहीं कही जब वो जम्मू-कश्मीर के सीएम थे और उस वक्त भी नहीं कही जब वो केंद्र में मंत्री थे।

कश्मीरी पंडितों के बारे में क्यों चुप थे आजाद?

ये इतिहास उन्हें तब भी याद नहीं आया जब कश्मीर में हिंदुओं पर जुल्म हो रहे थे और उन्हें घर से बेघर किया जा रहा था। यहां तक कि जब पिछले साल 'द कश्मीर फाइल्स' फिल्म पर बवाल मचा था तब भी गुलाम नबी आजाद ने सेफ जोन में जाते हुए ये कहा था कि 'घाटी में कश्मीरी पंडितों के साथ जो कुछ भी हुआ था उसके लिए पाकिस्तान और आतंकवाद जिम्मेदार है।'

'एकजुट जम्मू' नाम की संस्था ने जारी की थी रिपोर्ट

साल 2020 में 'एकजुट जम्मू' नाम की संस्था ने एक रिपोर्ट जारी की थी जिसमें कहा गया था कि जम्मू में 1990 के बाद 1,00,000 नए घर बनाए गए हैं और जिस जम्मू में साल 1994 में केवल 3 मस्जिद हुआ करती थी, वहां आज 100 से ज्यादा मस्जिद हैं, जिसमें सियासत के ही लोगों का हाथ था इसलिए कांग्रेस की उपेक्षा के शिकार हुए गुलाम नबी आजाद को अगर आज इतिहास याद आया है तो जाहिर है सवाल उठना लाजिमी है।

विधानसभा सीटों की संख्या 90 हो गई है

गौरतलब है कि परिसीमन के बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर की आवंटित सीटों को छोड़कर यहां पर विधानसभा सीटों की संख्या 83 से बढ़कर 90 हो गई है, जिसमें जम्मू संभाग में 43 सीटें आती हैं। अगस्त 2019 से जम्मू-कश्मीर का भौगोलिक नक्शा बदल चुका है, जिससे राज्य का सियासी मैप भी चेंज हो सकता है।

बर्थ प्लेस पर आजाद का इमोशनल कार्ड

बीजेपी, पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस अभी से ही सियासी दंगल की तैयारियों में में जुटे हैं। जम्मू की सीटें भाजपा को फायदा देंगी या नहीं ये तो बाद में पता चलेगा लेकिन हां सियासत के पुरोधा ये जरूर मानकर चल रहे हैं कश्मीर में गुलाब नबी आजाद की 'डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी ' कांग्रेस और अन्य दलों का खेल जरूर बिगाड़ सकती है और हो सकता है इसी वजह से गुलाम नबी ने अपने बर्थ प्लेस पर ये इमोशनल कार्ड खेला हो।

क्या कहा है गुलाम नबीं आजाद ने?

9 अगस्त 2023 के एक कार्यक्रम में गुलाम नबी आजाद ने कहा था कि इस्लाम धर्म का जन्म 1500 साल पहले हुआ था और हिंदू धर्म उससे पहले का है इसलिए मैं कह रहा हूं कि भारत के सारे मुसलमान पहले हिंदू ही थे। 600 साल पहले केवल कश्मीरी में पंडित ही थे, यहां कोई मुस्लिम नहीं था, अब यहां जितने मुस्लिम लोग हैं, सबने कनवर्ट होकर इस्लाम अपनाया है।'

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