ब्रसेल्स में भारत की 'एयरलिफ्ट वन्स अगेन'
न तो यहां कोई रंजीत कटियाल है...न ही उसके दोस्तों के सरीखे कोई मदद करने वाला...जी हां ये कोई फिल्म नहीं बल्कि हकीकत है। एक बार फिर प्रवासी एवं अप्रवासी भारतीय जो कि ब्रसेल्स में हुए हमले के वक्त वहां मौजूद थे या फिर कहें कि हमले के गवाह बनें, बेहद करीब से अंजान मुल्क में मौत को देखा उन्हें अपने वतन की याद आई होगी।
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बहरहाल भारत ने ब्रसेल्स में फंसे भारतीयों को सुरक्षित वापस वतन लाने के लिए पुरजोर कोशिशें शुरू कर दी हैं।
ब्रसेल्स में बीते मंगलवार को हुए आतंकी हमले में फंसे 242 लोगों को लेकर जेट एयरवेज की पहली फ्लाइट शुक्रवार सुबह दिल्ली आ गई। इनमें से 70 लोग इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरे, जबकि बाकी पैसेंजर्स के साथ फ्लाइट को मुंबई भेज दिया गया। इन लोगों को बुधवार देर रात ही ब्रसेल्स से एम्सटर्डम शिफ्ट किया गया था।
जेट एयरवेज चला रहा है 'मिशन एयरलिफ्ट'
ब्रसेल्स एयरपोर्ट पर आतंकी हमले के बाद जेट एयरवेज एयरलिफ्ट ऑपरेशन चला रहा है। जेट के 800 पैसेंजर्स ब्रसेल्स में फंसे थे। इन्हें नीदरलैंड्स के एम्सटर्डम शिफ्ट किया गया था। ब्रसेल्स में आतंकी हमले के वक्त जेट एयरवेज के चार विमान और 8 पायलट वहां मौजूद थे। इनमें से दो प्लेन ब्रसेल्स से रवाना किए गए जो गुरुवार दोपहर 12 बजे और दोपहर 4 बजकर 30 मिनट पर एम्सटर्डम एयरपोर्ट पहुंचे।
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पैसेंजर्स के पहुंचने से पहले ही शुरू हो जाएगा ऑपरेशन
जेट ने ब्रसेल्स से दिल्ली, मुंबई, टोरंटो और नेवार्क के बीच आने-जाने वाली फ्लाइट्स शनिवार तक कैंसल कर रखी हैं। वह अभी फंसे हुए पैसेंजर्स को ही एयर लिफ्ट कर रहा है। ब्रसेल्स जेट एयरवेज के लिए 2008 से ही बड़ा यूरोपियन हब था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। एयरलाइंस को अपना यूरोपियन सेंटर एम्सटर्डम में शिफ्ट करना पड़ा है।
लेकिन 800 पैसेंजर्स के वहां पहुंच जाने के चलते एम्सटर्डम से वह अपने ऑपरेशंस पहले ही शुरू कर देगा।












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