'...मुश्किल है बड़े होकर बड़े रहना भी' Javagal Srinath की सादगी पर प्यार लुटा रहे फैंस, वायरल हुई पुरानी फोटो
क्रिकेट के मैदान पर अपनी तेज गेंदबाजी से विरोधियों के छक्के छुड़ाने वाले जवागल श्रीनाथ स्वभाव से काफी शांत और सरल इंसान हैं। उनकी सादगी की मिसाल एक तस्वीर से मिलती है। Javagal Srinath Mysuru railway station 2017 photo of
मैसूर (कर्नाटक), 06 सितंबर : मशहूर शायर शकील आजमी ने क्या खूब लिखा, 'अपनी मंजिल पे पहुंचना भी, खड़े रहना भी, कितना मुश्किल है बड़े होकर बड़े रहना भी।' इस कमाल के शेर का जिक्र इसलिए क्योंकि उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में जन्मे शायर शकील आजमी की ये पंक्ति भारत के दक्षिणी हिस्से (कर्नाटक) में रहने वाले सपूत पर सटीक बैठती है। ये बताती है कि ऊंचाई पर पहुंचने के बाद भी सादगी सबसे बड़ी पूंजी है। दरअसल, भारत के दिग्गज क्रिकेटर जवागल श्रीनाथ हमेशा से लोकप्रिय रहे हैं। क्रिकेट के मैदान पर अपनी तेज गेंदबाजी से विरोधियों के छक्के छुड़ाने वाले जवागल श्रीनाथ स्वभाव से काफी शांत और सरल इंसान हैं। उनकी सादगी की मिसाल एक तस्वीर से मिलती है जिसमें वे कर्नाटक के मैसूर स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते देखे गए। इस वायरल फोटो पर कमेंट्स में लोग श्रीनाथ से जुड़ी मेमोरी शेयर कर रहे हैं।

19 साल बाद भी श्रीनाथ की लोकप्रियता
दरअसल जवागल श्रीनाथ की जो फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, श्रीनाथ की यह तस्वीर मूल रूप से 2017 में ट्विटर अकाउंट @nanuramu द्वारा पर पोस्ट की गई थी। श्रीनाथ इस तस्वीर में रेलवे स्टेशन पर खड़े होकर ट्रेन का इंतजार करते दिख रहे हैं। जिस तरह इंटरनेट पर प्यार लुटाया जा रहा है, कहना गलत नहीं होगा कि रिटायरमेंट के 19 साल बाद भी श्रीनाथ की लोकप्रियता बरकरार है।

मैच रेफरी के रूप में जवागल श्रीनाथ
अब पांच साल के बाद लिंक्डइन पर एक यूजर ने जवागल श्रीनाथ के साथ अपनी तस्वीर शेयर की है। 2003 में क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद श्रीनाथ आईसीसी के मैच रेफरी के रूप में काम कर रहे हैं। एक्टिव क्रिकेटर के रूप में रिटायरमेंट के बाद खिलाड़ी के रूप में तो नहीं लेकिन एक मैच रेफरी के रूप में जवागल श्रीनाथ हमेशा बड़े मुकाबलों में दिखते रहे हैं।

श्रीनाथ की शर्ट पसीने से भीगी
आशु सिंह नाम के लिंक्डइन यूजर (@आShu Singh) ने श्रीनाथ के साथ जो तस्वीर पोस्ट की है उसमें जवागल श्रीनाथ मैसूर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते दिख रहे हैं। कर्नाटक के रहने वाले पूर्व क्रिकेटर जवागल श्रीनाथ ने अपनी पीठ पर एक बैग भी टांग रखा है। स्टेशन पर मौजूद पंखे के पास गर्मी से राहत पाने की कोशिश में श्रीनाथ की शर्ट पसीने से भीगी हुई देखी जा सकती है।
नीचे देखें आShu Singh की पोस्ट वाली फोटो--

सरलता और सादगी प्रेरित करने वाली
इंटरनेशनल क्रिकेट में नाम, प्रसिद्धि और लाखों रुपये कमाने के बावजूद श्रीनाथ की ऐसी सादगी और विनम्रता लोगों को कायल बना रही है। इंटरनेट यूजर्स इस तस्वीर को काफी पसंद कर रहे हैं। यूजर्स ने कमेंट सेक्शन में कहा कि इस महान गेंदबाज की सरलता और सादगी प्रेरित करने वाली है।

44 हजार से अधिक लाइक्स
जवागल श्रीनाथ के साथ फोटो पोस्ट करने वाले आशु सिंह नाम के लिंक्डइन यूजर ने कहा, आप इस व्यक्ति को कैसे पसंद नहीं कर सकते। इनकी पर्सनैलिटी में कोई बनावटीपन नहीं है। यह हमारी पीढ़ी के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में एक हैं। तीन दिन पहले पोस्ट की गई इस फोटो को 44 हजार से अधिक लाइक्स मिल चुके हैं। इंटरनेट और सोशल मीडिया यूजर्स ने नॉस्टैल्जिक तरीके से श्रीनाथ से मिलने के पर्सनल एक्सपीरियंस भी शेयर किए। फेसबुक पर दीपांकर दास ने श्रीनाथ के साथ क्लिक कराई फोटो शेयर कर उन्हें लीजेंड करार दिया। उन्होंने चार सितंबर को ये फोटो पोस्ट की है।
नीचे देखें दीपांकर की फेसबुक पोस्ट-
श्रीनाथ आम आदमी की तरह घूमते हैं
लगभग हर कमेंट में जवागल श्रीनाथ की सादगी की कहानी पढ़ी जा सकती है। एक यूजर ने कहा, श्रीनाथ का घर उनके घर से मात्र 500 मीटर दूर था। यूजर ने बताया कि वे खुद जेपी नगर में रहते हैं। श्रीनाथ आसपास के इलाकों में कई बार दिखते थे। वे एक आम आदमी की तरह घूमते हैं। अपना सारा काम खुद ही करते हैं। ऐसे में कई बार आश्चर्य भी होता है कि क्या ये वही स्टार भारतीय क्रिकेटर जवागल श्रीनाथ ही हैं ?

एयरपोर्ट से मैसूर जाने के लिए सरकारी बस !
मैसूर स्टेशन पर श्रीनाथ की पांच साल पुरानी फोटो देख एक यूजर ने कहा, अब तक के सबसे विनम्र और सम्मानित क्रिकेटर जवागल श्रीनाथ। यूजर के मुताबिक उन्होंने श्रीनाथ को बेंगलुरु एयरपोर्ट से मैसूर जाने के लिए कर्नाटक परिवहन के सरकारी बस (KSRTC) में चढ़ते देखा है। फेसबुक यूजर विमल कुमार ने भी करीब पांच साल पहले श्रीनाथ के साथ क्लिक कराई फोटो शेयर कर उनके व्यक्तित्व की तारीफ की।
नीचे देखें फेसबुक पोस्ट--
सादगी और सरलता चरित्र का हिस्सा
एक अन्य यूजर ने अपनी मेमोरी शेयर कर लिखा, वे एक बार मैसूर-बैंगलोर शताब्दी एक्सप्रेस में सफर कर रहे थे। क्रिकेट प्रशंसक के रूप में उन्होंने जब ट्रेन में श्रीनाथ को देखा तो पाया कि कोई अहंकार नहीं है ! सादगी और सरलता इनकी चरित्र का हिस्सा है। यूजर ने कहा कि जिस समय वे श्रीनाथ से मिले, श्रीनाथ क्रिकेट से रिटायरमेंट ले चुके थे, लेकिन लंबे समय तक जवागल श्रीनाथ टीम इंडिया के प्रमुख तेज गेंदबाज थे। उनकी पीढ़ी में श्रीनाथ ने जो कुछ हासिल किया वो किसी भी समकक्ष खिलाड़ी से कमतर नहीं है।












Click it and Unblock the Notifications