बदलते हालातों में जम्मू-कश्मीर को आतंक मुक्त करने के लिए हम दिन-रात कर रहे काम- DGP
बारामूला के शीरी में बुधवार को जम्मू और कश्मीर के पुलिस कांस्टेबलों की 16वें बेसिक रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग कोर्स की पासिंग-आउट-कम-ऐटेस्टेशन परेड आयोजित की गई। इस मौके पर जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा चीफ गेस्ट के तौर पर मौजूद थे। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली।
नवंबर 2022 से शुरू हुए बेसिक रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग कोर्स को पूरा करके 510 कांस्टेबल पास हुए हैं। इस मौके पर जम्मू कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह, बारामूला की डीडीसी चेयरपर्सन सफीना बेग, फाइनेंशियल कमिश्नर होम आरके गोयल, जम्मू-कश्मीर के स्पेशल डीजीपी क्राइम एके चौधरी और एसटीसी शीरी के प्रिंसिपल माजिद मलिक समेत तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक,सैन्य और पुलिस अधिकारियों के अलावा अन्य गणमान्य और सिविल सोसाइटी के लोग मौजूद थे।

इस मौके पर एलजी मनोज सिन्हा और अन्य गणमान्य लोगों ने डीएसपी हिमायूं मुजम्मिल भट और अन्य शहीदों को श्रद्धांजलि दी। स्वागत भाषण के दौरान डीजीपी ने कहा कि कांस्टेबलों के इस बैच ने नए तरीकों की ट्रेनिंग ली है। इसमें मिशन कर्मयोगी कार्यक्रम भी शामिल है। उन्होंने ट्रेनिंग लेने वालों को उत्कृष्ट ट्रेनिंग देने के लिए एसटीसी शीरी के प्रिंसिपल और उनके स्टाफ की भी सराहना की।

उन्होंने कपैसिटी बिल्डिंग कमीशन की ओर से विभिन्न विभागों के लिए किए गए हालिया सर्वे और कार्यों के मूल्यांकन पर प्रसन्नता जाहिर की, जिसमें कमीशन ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के काम की सराहना की है। जम्मू-कश्मीर पुलिस परिवार को बधाई देते हुए डीजीपी ने कहा कि इसकी कोशिशों और प्रतिबद्धता को देश में सभी ने स्वीकारा है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस के शहीद नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की जो मिशन पीस का हिस्सा थे और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया।

डीजीपी ने बताया कि सिर्फ इस साल करीब 14,000 पुलिसकर्मियों ने अलग-अलग तरह के ट्रेनिंग कोर्स में हिस्सा लिया है। उन्होंने कहा कि करीब 1,800 कर्मियों को तो कमांडो ट्रेनिंग देकर यूटी के विभिन्न सुरक्षा ड्यूटी और ऑपरेशन के लिए तैनात किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि लगभग 799 पुलिसकर्मियों को इंवेस्टिगेशन स्किल की ट्रेनिंग दी गई है, इसके अलावा 2,500 पुलिसकर्मियों को साइबर क्राइम से निपटने का प्रशिक्षण दिया गया है।
डीजीपी ने कहा है कि जम्मू और कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों की वजह से यहां शांति लौट रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हमेशा जम्मू-कश्मीर पुलिस के काम की सराहना की है, जिसने शांति के दुश्मनों से लड़ने में इसके मनोबल को बढ़ाने का काम किया है।

डीजीपी बोले कि बदलते हुए हालातों में हम आतंक मुक्त जम्मू-कश्मीर को साकार करने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ऑपरेशन कपैसिटी बिल्डिंग शुरू किया है। इसके तहत 21 थानों को और शक्तिशाली बनाया गया है और उन्हें नवीनतम गजेट और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि बचे हुए आतंकवाद से निपट सकें। वे बोले कि बाकी बचे हुए आतंकवाद के पूरी तरह से खात्मे के लिए 22 और थानों को इस कार्यक्रम के दायरे में लाया जाएगा।
उन्होंने कहा है कि पुलिसकर्मियों के साथ-साथ एसपीओ के लिए भी कई सारे कल्याणकारी उपाय किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस साल अभी तक करीब 4,000 पुलिसकर्मियों को विभिन्न रैंकों में प्रमोशन दिया गया है। यही नहीं कुछ दिन पहले ही जम्मू-कश्मीर के 27 पुलिस अफसरों को आईपीएस में शामिल किया गया है, जो कि अपने आप में एक रिकॉर्ड है।

उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस के विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी देने और उसमें सहयोग करने के लिए प्रशासन को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि हाल ही में दो सीमा बटालियन और दो महिला बटालियन की भर्ती की गई है। इससे एक तरफ जहां सीमाओं पर सुरक्षा और मजबूत होगी, वहीं दूसरी तरफ महिलाओं के अधिकारों की रक्षा होगी।












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